कोरिया में मात्र 121 किराएदार ही सत्यापित……..किराए पर रहना है तो पुलिस को दें जानकारी…..एसपी बोले वर्ना होगी कार्यवाई
पुलिस के पास किराएदार का सही रिकॉर्ड जरुरी…….थाना स्तर पर चलेगा अभियान, अब होगी बीट पेट्रोलिंग
बैकुंठपुर।
कोरिया जिले में किराएदारों का पुलिस वेरिफिकेशन न कराने वाले मकान मालिकों के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। आईजी सरगुजा एवं एसपी कोरिया हरीश राठौर के सख्त दिशा-निर्देशों के बाद थाना बैकुंठपुर सहित जिले के सभी थाना क्षेत्रो के मकान मालिको को पुलिस द्वारा लगातार अपील किए जाने के बावजूद अधिकांश मकान मालिकों द्वारा किराएदारों की जानकारी छिपाने या लापरवाही बरतने के मामले सामने आ रहे हैं।

एसपी कोरिया श्री राठौर ने कहा कि पुलिस प्रशासन का कहना है कि कई बाहरी अपराधी दूसरे राज्यों या शहरों में वारदात करने के बाद अपनी पहचान छिपाकर किराएदार बनकर रहने लगते हैं, या फिर शहर में ही किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए रेकी करते हैं। वारदात के बाद जब पुलिस मकान मालिक से पूछताछ करती है, तो उनके पास किराएदार का सही पता, फोटो या मोबाइल नंबर तक नहीं होता, जिससे अपराधी पुलिस की पकड़ से दूर भाग जाता है। इसी गंभीर स्थिति को रोकने के लिए अब कोरिया पुलिस ने मुसाफिरों, किराएदारों और संदिग्धों की धरपकड़ के लिए एक सघन जांच और मॉनिटरिंग अभियान छेड़ दिया है।
पुलिस के पास किराएदार का सही रिकॉर्ड जरुरी
एसपी कोरिया हरीश राठौर ने बताया कि इस कानूनी अनिवार्यता के पीछे पुलिस का मुख्य उद्देश्य शहर को सुरक्षित रखना है, क्योंकि वेरिफिकेशन के दौरान पुलिस टीम किराएदार का डिजिटल क्रिमिनल रिकॉर्ड और भौतिक सत्यापन करती है, जिससे असामाजिक तत्वों को शहर में छिपने की जगह नहीं मिलती। मकान मालिकों को यह समझना होगा कि बिना सूचना के मकान किराए पर देना अब एक गंभीर कानूनन अपराध है, और यदि किराएदार किसी भी अवैध गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है, तो मकान मालिक को भी बराबर का जिम्मेदार मानकर सह-आरोपी बनाया जा सकता है। इसके अलावा किसी भी आपातकालीन स्थिति, दुर्घटना या विवाद में पुलिस के पास किराएदार का सही रिकॉर्ड होना बेहद मददगार साबित होता है।
थाना स्तर पर अभियान, होगी बीट पेट्रोलिंग
अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अब थाना स्तर पर एक व्यापक अभियान शुरू करने जा रहा है। इसके तहत स्थानीय स्तर पर बीट पेट्रोलिंग व्यवस्था को बेहद मजबूत बनाया जाएगा। बीट पुलिस अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर वहां रहने वाले लोगों और किरायेदारों का भौतिक सत्यापन करेंगे। थानों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने कार्यक्षेत्र में आने वाले सभी मकानों में रह रहे नये और पुराने किरायेदारों का पूरा डेटाबेस तैयार करें। लापरवाही बरतने वाले मकान मालिकों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
किरायेदार सत्यापन की क्या है कानूनी प्रक्रिया
कानूनी प्रक्रिया के अनुसार, मकान मालिक को किरायेदार की पूरी व्यक्तिगत जानकारी, स्थायी पता और कार्यस्थल का विवरण निर्धारित फार्म में भरकर पुलिस को देना होता है। पुलिस की सलाह के मुताबिक, सत्यापन के लिए कुछ बेहद जरूरी दस्तावेजों की जांच और उन्हें जमा करना अनिवार्य है। इसमें किरायेदार का आधार कार्ड, पैन कार्ड या मतदाता पहचान पत्र, किरायेदार का स्थायी पता सत्यापित करने वाला कोई भी सरकारी दस्तावेज, किरायेदार की दो पासपोर्ट साइज हालिया तस्वीरें, मकान मालिक और किरायेदार के बीच हुआ वैध रेंट एग्रीमेंट देना अनिवार्य है।
ऑनलाइन/आफलाइन व्यवस्था, मकान मालिक दें ध्यान
नजदीकी थाने से किरायेदार सत्यापन फार्म लेना होगा। फार्म को पूरी तरह भरकर और किरायेदार के दस्तावेजों की फोटोकापी संलग्न कर इसे सीधे थाने में जमा करना होगा, जहां से उन्हें एक रसीद मिलेगी। पुलिस रिकार्ड और आंकड़ों के से पता चलता है कि पिछले वर्षों में शहर के लगभग 90 प्रतिशत मामलों में मकान मालिकों ने किरायेदारों का पुलिस सत्यापन नहीं कराया था। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर बाहरी क्षेत्रों के अपराधी और संदिग्ध लोग पहचान छिपाकर शहर के विभिन्न मोहल्लों में किराये पर रहने लगते हैं और घटना को अंजाम देते हैं।
फैक्ट फाईल……
जिले में किराएदार पुलिस सत्यापन
थाना
बैकुंठपुर 01
पटना 75
चरचा 15
सोनहत 30
कुल 121


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