सोमवार को स्कूल नहीं लौटे तो जिले के 62 अतिथि शिक्षकों पर गिरेगी शासन की गाज
जिला शिक्षा अधिकारी ने जारी किया सभी हडताली अतिथि शिक्षको को नोटिस……सोमवार को काम पर नही लौटे तो आखरी खत समझें
बैकुंठपुर।
छत्तीसगढ़ में हड़ताल कर रहे अतिथि शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग ने अल्टीमेटम दिया है। विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि, 27 जुलाई सोमवार तक यदि हड़ताल पर गए अतिथि शिक्षक वापस काम पर नहीं लौटते हैं, तो उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। यदी एैसा होता हे तो कोरिया जिले के हाई एवं हायर सकेन्डरी स्कूलो में अपनी सेवाए दे रहे 65 अतिथि शिक्षको पर गाज गिरेगी।
जिला शिक्षा अधिकारी जितेन्द्र गुप्ता ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी आदेश में कहा है कि, नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से ही अतिथि शिक्षक हड़ताल पर हैं, जिससे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ऐसे में सभी जिला शिक्षा अधिकारी शाला प्रबंधन समितियों के माध्यम से हड़तालरत अतिथि शिक्षकों को 27 जुलाई तक कार्य पर लौटने का नोटिस देने को कहा गया है। कोरिया जिले में कुल 65 अतिथि शिक्षक हैं जबकि हडताल में शामिल होने वाले सभी 62 शिक्षको को नोटिस जारी कर दिया हैं। उन्होने कहा कि यदि कोई अतिथि शिक्षक तय समय सीमा तक स्कूल नहीं लौटता है, तो विभागीय निर्देशों के खंड 7.3 के तहत उसकी अध्यापन व्यवस्था तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाएगी। साथ ही विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने के लिए दूसरे शिक्षकों की व्यवस्था करने को कहा गया है। गौरतलब हो कि 24 दिन से जारी इस आंदोलन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में अतिथि शिक्षक अपनी मांगों को लेकर रापुर में आंदोलन कर रहे हैं।
क्या हैं इनकी प्रमुख मांगें
अतिथि शिक्षक लंबे समय से समान काम, समान वेतन, सेवा सुरक्षा, संविलियन और मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। हडताली अतिथि शिक्षको का कहना है कि वे पिछले 11-12 वर्षों से, नक्सल प्रभावित इलाकों समेत प्रदेश के विभिन्न सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें स्थायी दर्जा नहीं मिला है। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि वर्तमान में मिलने वाला करीब 20 हजार रुपए का मानदेय परिवार चलाने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसी कारण वे अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित सर्वाेपरि
विभाग के अनुसार नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से ही बड़ी संख्या में जिले के अतिथि शिक्षक हड़ताल पर हैं, जिससे कई सरकारी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसे छात्रों के हितों के विपरीत मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से तत्काल आवश्यक कदम उठाते हुए कहा गया है कि संबंधित शाला प्रबंध समितियों के माध्यम से सभी हड़तालरत अतिथि शिक्षकों को कार्य पर लौटने का नोटिस के बाद यदि सोमवार 27 जुलाई तक जो भी शिक्षक वापस नहीं आता है तो निर्धारित नियमों के तहत उसकी अध्यापन व्यवस्था तत्काल समाप्त कर दी जाएगी। इसके साथ ही विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए आवश्यक वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए, ताकि स्कूलों में नियमित रूप से कक्षाएं संचालित होती रहें। शिक्षा विभाग का कहना है कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित सर्वाेपरि हैं और किसी भी स्थिति में शिक्षण व्यवस्था बाधित नहीं होने दी जाएगी। इसलिए सभी जिले के सभी स्कूलो को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
अतिथि शिक्षकों को नहीं मिला स्थाई दर्जा
अतिथि शिक्षकों का कहना है कि पिछले 11 से 12 वर्षों से वे दूरगम क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया है। वर्तमान में मिलने वाले करीब 20 हजार रुपये के मानदेय में परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।
क्या बोले अधिकारी
जिले में कुल 65 अतिथि शिक्षको में 62 अतिथि शिक्षक हड़ताल पर हैं सभी शिक्षकों को हमारे द्धारा अंतिम चेतावनी दी गई है। कि हड़तालरत अतिथि शिक्षकों को 27 जुलाई 2026 तक अपने-अपने विद्यालयों में लौटकर अध्यापन कार्य शुरू करने के लिए कहा गया है निर्धारित समय तक ड्यूटी पर नहीं लौटने वाले अतिथि शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी।
जितेन्द्र गुप्ता – जिला शिक्षा अधिकारियों, कोरिया


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