जिले में इन दिनों धान की फसल पूरी तरह से तैयार हो चुकी है। किसान इन दिनों 70 फिसद धान की कटाई कर चुके हैं। किसानों का कहना है कि नवरात्र के बाद खुले मौसम धान की फसल मिंजाई जोरो से कर रहे है। इसके बाद उन्हे गेहू भी बोने की तैयारी करना है। किन्तु शासन द्वारा दिसंबर माह से धान खरीदी के निर्देश दिए गए हैं। जिस कारण पैसे के अभाव में वे गेहू की फसल समय से नही बो पा रहे हैं। किसानों को सरकारी केंद्रों में धान बेचने एक माह का लंबा इंतजार करना पड़ेगा। मिंजाई के बाद खलिहान से धान को सहेजने किसानों को अच्छी खासी दिक्कतों का सामना करना पड रहा है।
किसानों का कहना है कि नवंबर माह से धान की खरीदी नही होने से किसानों को धान के रखरखाव के साथ चूहो के कारण काफि नुकसान होने जा रहा है। किसानों का कहना है कि एक माह विलंब से धान खरीदी किए जाने के चलते उनका उपज को नुकसान हो रहा हे साथ ही अगली फसलो को बोने में काफि देर हो जायेगी।
दूसरी आरे ऐसे किसानों के धान से नमी हटने के चलते किसानों को नुकसान भी होगा, बहरहाल, किसानों ने धान की कटाई और मिंजाई अब आखरी दौर में है। वहीं जिले में दिपावली के बाद किसान पूरी तरह से धान की कटाई में जुट जाएंगे। किसानों की मानें तो नवंबर माह की शुरुआती सप्ताह में मिंजाई भी हो जाएगी।
दिपावाली मनाने बेच रहे उपज
किसानों का कहना है कि अगले सप्ताह में दीपावली पर्व है, लेकिन सरकारी धान की खरीदी एक दिसंबर सें करने की तैयारी कर रही है, ऐसे में किसानों को इस बात की चिंता है कि उन्हें दिपावाली मनाने के लिए धान बेचने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। यही कारण है कि किसान नवंबर माह में धान खरीदी की मांग कर रहे थे। इस दौरान कई किसानो ने दिपावली को देखते हुए औने पौने दामो पर अपने उपज को बेचने को विवष होना पडा है।
अगले महिने से होगी खरीदी
नवंबर माह में क्षेत्र के किसान धान बेचने की तैयारी कर चुके थे ऐसे में राज्य शासन किसानों से पर्याप्त मात्रा में सूखा धान ही खरीदेगी, जिसके चलते किसानों को नुकसान का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा किसानों को खलिहान से धान की मिंजाई करने के बाद घर में उसे रखने के लिए जगह की व्यवस्था करनी पड रही है।
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