नाली निर्माण पर सवाल, स्टीमेट से कम गहराई में काम कराने का विरोध

Estimated read time 1 min read

बैकुंठपुर।

नगर पालिका परिषद बैकुंठपुर के वार्ड क्रमांक 09 में चल रहे नाली निर्माण कार्य को लेकर अनियमितता और गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए हैं। स्थानीय स्तर पर की गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पंकज पाण्डेय के घर से महेन्द्र पाण्डेय के घर तक स्वीकृत नाली निर्माण में भानु के घर से महेन्द्र पाण्डेय के घर तक निर्धारित स्टीमेट और तकनीकी मापदंडों का पालन नहीं किया जा रहा है।

शिकायत के अनुसार मुख्य सड़क के स्तर से लगभग तीन फीट गहराई में नाली निर्माण किया जाना प्रस्तावित है, लेकिन संबंधित हिस्से में करीब एक फीट गहराई में ही निर्माण किए जाने की बात सामने आई है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और स्वीकृत स्टीमेट के पालन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि अलग-अलग हिस्सों में नाली की गहराई निर्धारित मापदंड के अनुरूप नहीं रखी गई तो भविष्य में जल निकासी व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

ठेकेदार की निगरानी पर भी सवाल

शिकायत में ठेकेदार सतीश मौर्य की कार्यस्थल पर निगरानी को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि ठेकेदार कार्यस्थल से लगभग 80 किलोमीटर दूर रहते हैं और निर्माण कार्य की नियमित निगरानी नहीं कर रहे हैं। साथ ही कार्य को पेटी स्तर पर सुनील यादव को सौंपकर कराए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने इसकी भी जांच की मांग की है कि स्वीकृत कार्यादेश और नगर पालिका के नियमों के तहत किसी अन्य व्यक्ति से इस प्रकार कार्य कराया जा रहा है या नहीं।

मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की मांग

निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत भी की गई है। ऐसे में निर्माण स्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कराने की मांग उठाई गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

स्टीमेट और एमबी की जांच की मांग

पूरे मामले में स्वतंत्र तकनीकी जांच और मौके का स्थल निरीक्षण कराने की मांग की गई है। शिकायत में स्वीकृत स्टीमेट, कार्यादेश, माप पुस्तिका (एमबी), वास्तविक स्थल माप, निर्माण में इस्तेमाल सामग्री, गुणवत्ता परीक्षण तथा अब तक किए गए भुगतान की जांच कराने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि यदि जांच में निर्माण कार्य स्वीकृत स्टीमेट अथवा निर्धारित तकनीकी मापदंडों के विपरीत पाया जाता है तो संबंधित ठेकेदार, कार्य कराने वाले व्यक्ति और जिम्मेदार अधिकारियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही निर्धारित मापदंड के अनुसार नाली निर्माण पूरा कराया जाए, ताकि शासकीय राशि का सदुपयोग हो और वार्डवासियों को बेहतर जल निकासी की सुविधा मिल सके। अब मामले में नगर पालिका की तकनीकी जांच और स्थल निरीक्षण के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours