झुमका बांध में हाउस बोट और पार्किंग के नाम पर कथित अवैध वसूली, बिना टेंडर संचालन के आरोप
बैकुंठपुर।
कोरिया जिला मुख्यालय के समीप ओड़गी ग्राम स्थित झुमका बांध इन दिनों पर्यटन के साथ-साथ कथित अवैध वसूली को लेकर चर्चा में है। आरोप है कि झुमका बांध में हाउस बोट का संचालन बिना विधिवत टेंडर प्रक्रिया के किया जा रहा है और पर्यटकों से प्रति व्यक्ति 200 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। इसके अलावा पार्किंग के नाम पर भी प्रतिदिन हजारों रुपये की वसूली किए जाने की बात सामने आ रही है।
स्थानीय स्तर पर लगाए जा रहे आरोपों के अनुसार यदि प्रतिदिन करीब 50 पर्यटक हाउस बोट की सवारी करते हैं तो 200 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से लगभग 10 हजार रुपये प्रतिदिन की राशि एकत्रित होती है। वहीं पार्किंग के नाम पर कथित तौर पर 3 से 4 हजार रुपये प्रतिदिन अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इस राशि का हिसाब-किताब क्या है और इसका भुगतान किस मद में तथा किसके पास किया जा रहा है।
मामले में ठेकेदार विकेश जायसवाल का नाम भी सामने आ रहा है। आरोप है कि ठेकेदार द्वारा कई महीनों का किराया जिला प्रशासन के खाते में जमा नहीं कराया गया है। जिला प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बावजूद उसका जवाब नहीं दिए जाने की बात कही जा रही है। इसके बाद भी नियमानुसार कार्रवाई नहीं होने से प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
वहीं, स्थानीय लोगों का आरोप है कि हाउस बोट और पार्किंग के नाम पर कोरिया सहित आसपास के क्षेत्रों से आने वाले पर्यटकों से खुलेआम राशि वसूली जा रही है। इतना ही नहीं, रिश्वत के रूप में करीब एक लाख रुपये तक की राशि किसी अधिकारी तक पहुंचने की चर्चा भी क्षेत्र में है। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
झुमका बांध को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन यदि बिना निर्धारित प्रक्रिया के संचालन और बिना रसीद वसूली जैसी शिकायतें सही पाई जाती हैं तो यह शासन को राजस्व नुकसान पहुंचाने के साथ पर्यटकों के साथ भी अन्याय होगा।
अब बड़ा सवाल यह है कि जिला प्रशासन द्वारा हाउस बोट संचालन, पार्किंग वसूली, ठेकेदार के बकाया किराए और कथित अवैध वसूली की जांच कब कराई जाएगी। पर्यटकों से वसूली गई राशि का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने तथा दोषी पाए जाने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग उठ रही है। प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि झुमका बांध में नियमों का पालन हो रहा है या पर्यटन की आड़ में अवैध वसूली का खेल चल रहा है।




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