डॉ. प्रशांत सिंह व कलेक्टर ने कलेक्टर्स-15 से कहा उठो, पढ़ो और बढ़ो, सपनों के साकार को मेहनत जरूरी

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बैकुंठपुर।

जिले के स्वामी आत्मानंद स्कूल में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए रविवार का दिन जीवनभर याद रहने वाला बन गया। आकांक्षी विकासखण्ड बैकुंठपुर में कलेक्टर रोक्तिमा यादव की अभिनव पहल कलेक्टर्स-15-जहां सपने मिलते हैं नेतृत्व से के दूसरे सत्र में विद्यार्थियों को कक्षा की चारदीवारी से बाहर निकलकर कलेक्टर से सीधे संवाद करने, अपने विचार साझा करने और उनसे मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में उपलब्ध करियर विकल्पों, मेडिकल शिक्षा और इस क्षेत्र में आगे बढ़ने की संभावनाओं के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी।

कलेक्टर्स-15 के दूसरे सत्र में विजनरी-15 की अवधारणा पर विद्यार्थियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने विद्यार्थियों से उनके सपनों, लक्ष्यों, रुचियों और भविष्य की योजनाओं को लेकर संवाद किया। उन्होंने कहा कि विजनरी यानी दूरदृष्टि रखने वाला व्यक्ति केवल अपने भविष्य के बारे में नहीं सोचता, बल्कि समाज और देश के लिए भी बेहतर करने का संकल्प रखता है। विद्यार्थियों को अपने सपनों को स्पष्ट लक्ष्य में बदलने, उसके लिए योजना बनाने और निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया गया।

विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए कलेक्टर ने कहा कि जीवन में सफलता के लिए केवल सपना देखना पर्याप्त नहीं है। सपनों को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा-उठो, पढ़ो और बढ़ो। उन्होंने कहा कि लक्ष्य हासिल करने के लिए समय प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण है। दिनचर्या में पढ़ाई, खेल, रुचि और अन्य गतिविधियों के लिए समय निर्धारित करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में गलतियां होना स्वाभाविक है, लेकिन प्रत्येक गलती से सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। असफलता से निराश होने के बजाय उसे स्वयं को बेहतर बनाने का अवसर मानना चाहिए।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने चिकित्सा क्षेत्र में करियर के अवसर पर बोलेते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. प्रशांत सिंह ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर की संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने चिकित्सक, नर्सिंग, पैरामेडिकल सहित स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में शिक्षा और रोजगार के अवसरों के बारे में विद्यार्थियों को बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार लक्ष्य निर्धारित करने तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक मेहनत और अध्ययन के बारे में भी मार्गदर्शन दिया। उन्होने कहा कि हर सपना सुनने योग्य है, हर बच्चे में एक नेतृत्वकर्ता छिपा है की भावना के साथ कलेक्टर्स-15 की यह पहल सशक्त युवा, समृद्ध कोरिया के संकल्प को नई दिशा दे रही है।

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