न्यू लाईफ में पोषण आहार का संदेश, विद्यार्थियों ने समझाया स्वस्थ जीवन का मूलमंत्र
राष्ट्रीय पोषण सप्ताह पर दो दिवसीय आयोजन; संतुलित आहार, एनीमिया, गर्भावस्था, मधुमेह और उच्च रक्तचाप से बचाव के बताए उपाय
बैकुंठपुर।
बीमारी के बाद उपचार से बेहतर है बीमारी से पहले बचावकृऔर इसकी पहली सीढ़ी है सही पोषण। इसी सोच को केंद्र में रखकर न्यू लाईफ इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के तहत विद्यार्थियों ने दो दिवसीय जागरूकता अभियान चलाया। बीएससी नर्सिंग के विद्यार्थियों ने स्लाइड प्रेजेंटेशन से कुपोषण, गर्भावस्था के आहार, एनीमिया, उच्च रक्तचाप और मधुमेह पर लोगों को जागरूक किया, वहीं दूसरे दिन पौष्टिक व्यंजनों का प्रदर्शन कर बताया कि रोजमर्रा की थाली को संतुलित बनाकर रोगों से बचाव और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत किया जा सकता है।
स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ समाज की आधारशिला है और संतुलित, पौष्टिक एवं सुपाच्य आहार स्वस्थ जीवन का मूलाधार है। इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से न्यू लाईफ हेल्थ एंड एजुकेशन सोसायटी द्वारा संचालित न्यू लाईफ इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह-2026 के अंतर्गत पोषण आहार पर दो दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्था संचालक डॉ. प्रिंस जायसवाल के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में बीएससी नर्सिंग द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने पोषण के महत्व, संतुलित आहार तथा विभिन्न रोगों में उपयोगी आहार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रस्तुत कीं।
कार्यक्रम का इस वर्ष का विषय ‘पोषण की शक्ति को जानें’ रहा। विद्यार्थियों ने अपने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से बताया कि शरीर को पर्याप्त ऊर्जा, रोग प्रतिरोधक क्षमता तथा दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रदान करने में पोषण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने मौसमी फल एवं हरी सब्जियों को दैनिक आहार में सम्मिलित करने पर विशेष बल देते हुए कहा कि प्राकृतिक एवं संतुलित भोजन अनेक स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव में सहायक होता है।
प्रथम दिवस स्लाइड प्रेजेंटेशन से दिया स्वास्थ्य संदेश
कार्यक्रम के प्रथम दिवस विद्यार्थियों ने स्लाइड प्रेजेंटेशन के माध्यम से कुपोषण, गर्भावस्था में पोषण, रक्ताल्पता (एनीमिया), उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह जैसे विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। विद्यार्थियों ने बताया कि जीवनशैली से संबंधित अनेक बीमारियों की रोकथाम में संतुलित दैनिक आहार महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने लोगों को भोजन का चयन करते समय पोषक तत्वों की आवश्यकता, मात्रा और गुणवत्ता पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।
प्रस्तुतिकरण में यह भी बताया गया कि गर्भवती महिलाओं, बच्चों तथा किशोर-किशोरियों के लिए पोषणयुक्त आहार विशेष रूप से आवश्यक है। आयरन, प्रोटीन, विटामिन एवं खनिज तत्वों से भरपूर भोजन शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी सुदृढ़ करता है।
दूसरे दिन तैयार किए पौष्टिक व्यंजन
कार्यक्रम के द्वितीय दिवस विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रकार के पौष्टिक एवं संतुलित आहार तैयार कर उनकी उपयोगिता समझाई। व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से बताया गया कि रोजमर्रा के भोजन में उपलब्ध सामान्य खाद्य सामग्री का उचित संयोजन कर स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक आहार भी तैयार किया जा सकता है। विद्यार्थियों ने स्पष्ट किया कि संतुलित भोजन शरीर को निरंतर ऊर्जा प्रदान करने, प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत बनाने और दीर्घकालिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा यूनिसेफ जैसी संस्थाओं द्वारा पोषण एवं जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी विद्यार्थियों ने साझा की। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों तक सीमित न रहकर समाज में पोषण के प्रति जागरूकता का विस्तार करना रहा।
प्राचार्य ने सराहा विद्यार्थियों का प्रदर्शन
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान की प्राचार्य डॉ. अंजना सैम्यूल ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न रोगों में उपयोगी आहार एवं आहार-चिकित्सा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए रोगोपचार के साथ-साथ रोग-निवारण एवं स्वास्थ्य संवर्धन की समझ भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें पोषण संबंधी जागरूकता को समाज तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन नर्सिंग ट्यूटर रजनी शर्मा ने किया। आयोजन में न्यू लाईफ इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग के प्राचार्य, शिक्षकगण, स्टाफ सदस्य एवं समस्त छात्र-छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में पोषण विज्ञान के प्रति समझ विकसित करने के साथ समाज में स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का सार्थक संदेश भी प्रसारित किया।




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