खरवत-जमगहना सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया शुरु, 88 सडक स्वीकृति के बाद संयुक्त टीम ने किया नापजोख
बैकुंठपुर।
कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के खरवत से जमगहना तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं। सड़क चौड़ीकरण कार्य के लिए 88 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने के बाद कलेक्टर कोरिया के निर्देश पर राजस्व, नगर पालिका और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम ने नए सिरे से नापजोख शुरू कर दी है। सड़क चौड़ीकरण की प्रस्तावित सीमा में आने वाले दुकानों, भवनों और अन्य निर्माणों की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने के लिए मौके पर विस्तृत माप लिया जा रहा है।
प्रशासन द्वारा कराई जा रही इस कार्रवाई में चार-चार आरआई और पटवारियों के साथ नगर पालिका एवं लोक निर्माण विभाग की टीम शामिल है। टीम द्वारा नजूल भूमि की स्थिति से लेकर सड़क के मध्य तक नापजोख की जा रही है। इस बार सर्वे को पहले की अपेक्षा अधिक विस्तृत तरीके से किया जा रहा है। सड़क किनारे केवल सामान्य माप लेने के बजाय प्रस्तावित चौड़ीकरण की सीमा को ध्यान में रखते हुए दुकानों और अन्य निर्माणों के पीछे तक जाकर माप लिया जा रहा है।
9 मीटर सीमा में आने वाले निर्माणों का होगा आंकलन
नापजोख पूरी होने के बाद यह स्पष्ट किया जाएगा कि सड़क चौड़ीकरण के लिए निर्धारित 9 मीटर सीमा में किन-किन दुकानों, मकानों और अन्य निर्माणों का कितना हिस्सा आ रहा है। प्रत्येक प्रभावित संपत्ति का अलग-अलग आंकलन किया जाएगा। इसके साथ ही भूमि के स्वामित्व, राजस्व रिकॉर्ड और निर्माण की स्थिति के आधार पर मुआवजा प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी की जाएगी।
प्रशासनिक स्तर पर चल रही इस कार्रवाई का उद्देश्य चौड़ीकरण की जद में आने वाली संपत्तियों की वास्तविक स्थिति को रिकॉर्ड में दर्ज करना बताया जा रहा है। इससे सड़क निर्माण के लिए आवश्यक भूमि तथा प्रभावित होने वाले निर्माणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

दुकानदारों और निर्माण मालिकों की नजर सर्वे पर
खरवत-जमगहना सड़क क्षेत्र में लंबे समय से सड़क चौड़ीकरण की चर्चा होती रही है। सड़क किनारे व्यवसाय करने वाले दुकानदारों और भवन मालिकों के बीच इस बात को लेकर चिंता बनी हुई है कि प्रस्तावित चौड़ीकरण में उनके निर्माण का कितना हिस्सा प्रभावित होगा। वहीं, प्रशासन द्वारा दोबारा शुरू की गई नापजोख के बाद लोगों की नजर अब सर्वे रिपोर्ट पर टिक गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण से यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है, लेकिन प्रभावित होने वाले दुकानदारों और निर्माण मालिकों को नियमानुसार मुआवजा और उचित प्रक्रिया की जानकारी समय पर मिलना जरूरी है।
पुरानी कवायद के बाद अब नई प्रक्रिया
खरवत से जमगहना तक सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया को लेकर पूर्व में भी कई बार चर्चा और प्रशासनिक स्तर पर कवायद हो चुकी है। हालांकि जमीन पर काम शुरू नहीं हो पाने के कारण स्थानीय लोगों में लगातार संशय बना रहा। अब 88 करोड़ रुपये की स्वीकृति के बाद प्रशासन द्वारा राजस्व अमले के साथ नगर पालिका और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम को मैदान में उतारकर नए सिरे से सर्वे कराया जा रहा है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता सड़क की निर्धारित सीमा को स्पष्ट करने और चौड़ीकरण से प्रभावित होने वाली संपत्तियों की पहचान करने की दिखाई दे रही है। नापजोख पूरी होने के बाद प्रभावित दुकानों और निर्माणों की स्थिति सामने आएगी। इसके आधार पर मुआवजे का आंकलन और आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि खरवत-जमगहना सड़क चौड़ीकरण का कार्य किस स्वरूप में और कितने क्षेत्र में किया जाएगा।




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