एसईसीएल अफसर ने अधिक पेंशन पाने के लिए नियमों की उड़ाई धज्जियां

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सीएमडी कॊ लिखित शिकायत ।

तहकीकात न्यूज  @  सुरजीत सिंह रैना . मनेन्द्रगढ

एसईसीएल के निदेशक कार्मिक द्वारा गलत तरीके से सीएमपीएस-98
के अधीन फुल
पेंशन लेने की आधिकारिक कार्रवाई अयोग्य होने के बावजूद पूर्ण कर लिए
जाने की शिकायत
सामने आई है। मनेंद्रगढ़ निवासी आरटीआई कार्यकर्ता परमीत सिंह ने बिलासपुर
अध्यक्ष सह प्रबंध
निदेशक (सीएमडी) को इसकी लिखित शिकायत करते हुए दोषी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने
की मांग की है। आरटीआई कार्यकर्ता ने शिकायत की कॉपी राष्ट्रपति,
प्रधानमंत्री, सचिव कार्मिक
लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय दिल्ली, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो नई
दिल्ली, निदेशक केंद्रीय
सतर्कता आयोग एवं कोल इंडिया के चेयरमेन को भी प्रेषित की है।
शिकायतकर्ता ने कहा कि एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर में पदस्थ निदेशक (कार्मिक) डॉ.
आरएस झा जो सीएमपीएफ के बोर्ड ऑफ ट्रस्टी के एक सदस्य भी हैं, उनके
द्वारा अपने पद का
दुरूपयोग करते हुए खुद को सीएमपीएस-98 के अधीन फुल पेंशन पाने का अधिकारी बना लिया
गया है जो पूरी तरह से गैर कानूनी है। शिकायतकर्ता ने कहा कि डॉ. झा को
सीएमपीएस-98 के
अधीन पेंशन पाने का अधिकार ही नहीं है। उन्होंने कहा कि नियमानुसार सीएमपीएस-98 के
अधीन 10 वर्षों की सेवा देने के बाद ही कोई कर्मी या अधिकारी पार्ट पेंशन
का हकदार होता है
और 30 वर्षों की सेवा देने पर फुल पेंशन का। आरटीआई कार्यकर्ता के अनुसार
कोल इंडिया और
एसईसीएल में वर्ष 1998 से कई सीव्हीओ आए। किसी को सीएमपीएस-98 के अनुसार पेंशन
नहीं मिला। कोल इंडिया के डीपी आर. मोहन दास जो अब डिसमिस हो चुके हैं
एवं एनसीएल के
पूर्व डीपी शांतिलता साहू को पेंशन नहीं मिल रहा है, क्योंकि उनकी सेवा
10 वर्षों से कम थी।
वहीं स्वयं सीएमडी की कोल इंडिया और एसईसीएल में कुल सेवा 10 वर्षों से
अभी कम होने के
कारण वे भी अभी सीएमपीएस के अधीन पेंशन पाने के अधिकारी नहीं हुए हैं,
लेकिन डॉ. झा ने
कोल इंडिया में अपनी कुल सेवा जनवरी 2021 में अपने रिटायरमेंट की तारीख
को 10 वर्षों से
कम होने के बाद भी खुद को सीएमपीएस-98 के अधीन फुल पेंशन पाने का अधिकारी बना लिया
है। शिकायतकर्ता परमीत ने बताया कि भारत सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी सीएमपीएस
तथा ईपीएस (एम्प्लाईस पेंशन स्कीम) का मर्जर नहीं हो पाया, लेकिन कानून
नहीं होने के बाद
भी डॉ. झा फर्जी तरीके से देश में सीमएपीएस और ईपीएस मर्जर का लाभ लेने
वाले संभवत: देश
के पहले व्यक्ति होंगे। आरटीआई कार्यकर्ता ने जनवरी 2021 में सेवानिवृत्त
होने जा रहे निदेशक
कार्मिक झा का सीएमपीएस क्लेम रोकने के साथ ही दोषी पाए जाने पर उनके
विरूद्ध नियमानुसार
कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

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