कोरोना बना मूर्तिकारों के लिए आफत, छाया रोजी रोटी का संकट

Estimated read time 1 min read

तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर


दूर्गा पूजा शुरु होने में अब मात्र दो सप्ताह का समय शेष रह गया है। किन्तु कोरोना संकट काल के चलते मूर्तिकारों को अभी तक दुर्गा प्रतिमा बनाने कम आर्डर मिल रहे है। यही कारण है कि इसे लेकर मूर्तिकारो को रोजी रोटी का संकट गहरा गया है। मूर्तिकार तपन व प्रमोद पाल ने बताया कि इस बार नवरात्र को लेकर तो उत्साह कम देखने को मिल रहा है। जहा पिछले वर्ष जगह-जगह मां दुर्गा की छोटी बड़ी मूर्ति स्थापित कर भक्त माता की भक्ति में लीन रहते थे इसके अलावा दुर्गा पंडालों में जगराता, जसगीत, सहित अन्य कार्यक्रम की धूम रहती है, लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के कारण कार्यक्रम पर पूरी तरह से ग्रहण लग गया है। इस तरह शासन के नियम एवं गाइड लाइन अनुसार नवरात्र पर्व सादगीपूर्वक होगा। मूर्तिकारो का कहना है कि हर साल उन्हें नवरात्र पर्व के पखवाड़े भर पूर्व से मां दुर्गा की छोटी-बड़ी प्रतिमा बनाने खूब आर्डर मिल जाते थे। इस तरह पूरा परिवार प्रतिमा बनाने में जुटता था। कोरोना संकट से मूर्तिकारों में मायूसी है। क्योंकि हर बार पर्याप्त आर्डर मिलने से उन्हें सही मेहनताना मिलने से परिवार का भरण पोषण होता है।

देवी मंदिरों में तैयारी शुरु
नवरात्र 17 अक्टूबर से शुरु हो रहा है। इसे लेकर शहर के मंदिरों में नवरात्र पर्व की तैयारी शुरु हो गई है। मंदिरों की सफाई, रंगरोहण, सज्जाा सहित अन्य कार्य जोरों पर है। प्रशासन के नियमों के तहत यहां नौ दिनों तक विशेष पूजा व महाआरती होगी।

शहर के इन इलाको में विराजित होती रहीं हैं माता
शहर के आस-पास क्षेत्र के समस्त प्रमुख ईलाकों से जिसमें बैकुण्ठपुर शहर जिसमें गढ़ेलपारा, जूनापारा, डबरीपारा, महलपारा, स्कूलपारा, एसईसीएल चैक, रामपुर, एसईसीएल शिव मंदिर के पास, प्रेमाबाग, ओड़गी, बाजारपारा, तलवापारा के अलावा खड़गवां, बचरा-पोंड़ी, नागपुर, बरबसपुर, नगर, चरचा-काॅलरी में कइ्र स्थानो पर सरडी, पटना, जमगहना, भांड़ी, कुड़ेली, सरभोका, सहित कई अन्य जगहों पर माता की मूर्ति स्थापित की जाती है। किन्तु इस बार सभी जगहो पर अब तक तैयारीया नजर नही आ रही है। प्रशासन के सख्त नियमो को लेकर पूजा समितियो में उहा पोह की स्थित है।

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours