तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
कोरोना के कारण स्कूल बंद होने से बच्चों को सूखा राशन देने के लिए शिक्षा विभाग ने प्राथमिक व माध्यमिक शालाओं के बच्चों के घर-घर जाकर सूखा राशन दिया जा रहा है। राशन देने की योजना जिले भर में शुरू हो गया था। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने 30 सितंबर तक शालाओं को बंद रखने का निर्देश दिया था। इसलिए खाद्य सुरक्षा भत्ता के रूप में बच्चों को सूखा चावल व कुकिंग कास्ट की राशि से दाल, तेल व सूखी सब्जी वितरित किया जा रहा है। सूखा राशन सामग्री वितरण के लिए संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय ने निर्देश दिया है। गाइड लाइन के अनुसार कक्षा पहली से आठवीं तक के उन बच्चों को जिनका नाम शासकीय शाला, अनुदान प्राप्त अशासकीय शाला अथवा मदरसा-मकतबा में दर्ज है उनको मध्यान भोजन दिया जाना है। 11 अगस्त से 31 अक्टूबर तक कुल 63 शालेय दिवस के लिए सूखा राशन सामग्री का वितरण सुविधानुसार शाला में अथवा घर-घर पहुंचाकर देना है। वितरण के दौरान बच्चों व पालकों के मध्य शारीरिक दूरी बनाए रखना है। बच्चों को चावल, दाल एवं तेल की मात्रा भारत सरकार द्वारा निर्धारित मात्रा से कम नहीं होनी चाहिए। इसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सामग्रियों के पैकिंग के पूर्व एवं पैकिंग के बाद के फोटोग्राफ लेना है। इसके अलावा सामग्री के ब्रांड से संबंधित फोटोग्राफ एवं सामग्री नमूना एक माह तक के लिए रखना है। जिससे किसी प्रकार की शिकायत होने पर गुणवत्ता के संबंध में जांच की जा सके।
सूखा राशन को लेकर शिक्षा विभाग हुआ सक्रिय
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