जस्टिस फॉर शुभम…..सिर्फ तबादले से नही चलेगा काम…. तहसीलदार पर हो एफआईआर

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जिले के लिपिक संघ आक्रोश …..कहा जान सबकी किमती है….. प्रताडना का दौर इधर भी

तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर


लगातार यह देखने में आ रहा है कि अधिकारियों द्वारा अपने अधिक अधीनस्थ कर्मचारियों का मानसिक उत्पीड़न एवं उन्हें गलत काम करने को विवश करते है और जब कोई कर्मचारी गैरकानूनी कार्य करने से इंकार करे तो फिर सुरु हो जाता है सार्वजनिक तौर पर बेज्जती । ऐसे ही एक मामले में छत्तीसगढ़ के शुभम ने अधिकारी के उत्पीडन से तंग आकर अपनी जान दे दी । इसी को लेकर कोरिया जिले में लिपिक संघ ने मोर्चा खोल रखा है कर्मचारियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ देवभोग का नहीं है बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में इस तरीके से उच्च अधिकारियों द्वारा अपने अधीनस्थ कर्मियों को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। इस दौरान कर्मचारियों ने प्रदेश के साथ जिले में भी मोर्चा खोल रखा है और शुभम को जस्टिस देने के लिए जस्टिस फॉर शुभम कैंपेन सोशल मीडिया से लेकर मीडिया में छेड रखा है।

देवभोग के प्रभारी तहसीलदार के लिपिक की आत्महत्या मामले में प्रदेश लिपिक संघ ने मोर्चा खोल दिया है। लिपिक संघ नेता शैलेश खाखा ने नायब तहसीलदार पर प्रताडना का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग की है।

तहसीलदार देवभोग बाबूलाल कुर्रे द्वारा अपने ही तहसील में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 स्वर्गीय शुभम पात्र को अत्यधिक प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसके कारण शुभम पात्र द्वारा 15 अक्टूबर को अपने निवास पर आत्महत्या कर लिया गया था।

आत्महत्या में बाबूलाल कुर्रे के विरूद्ध शुभम पात्र के द्वारा लिखित सुसाईट नोट प्रस्तुत करने के बावजूद आज तक एफआईआर दर्ज नहीं किया गया है, इससे लिपिकों में काफी आकोष व्याप्त है। उक्त मामले में छत्तीसगढ़ प्रदेष लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के आह्वान् पर जिले के सभी विभाग के लिपिकों ने एकजूटता दिखाते हुए गरियाबंद जिले के दिवंगत लिपिक शुभम पात्र के आत्महत्या मामले में दोषी तहसीलदार बाबूलाल कुर्रे पर अपराध दर्ज करने के लिए प्रदेष के मुख्यमंत्री भूपेष बघेल, एवं गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के नाम कलेक्टर कोरिया को ज्ञापन सौंपा गया।
उक्त मामले में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत गत दिवस पूरे प्रदेष में तहसीलदार के उपर एफआईआर दर्ज करने के लिए ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन सौंपने के दौरान के डिलेष्वर सिंह (संभागीय उपाध्यक्ष), धीरेन्द्र तिवारी (तहसील अध्यक्ष मनेन्द्रगढ़) सादिक अख्तर खान (तहसील अध्यक्ष बैकुण्ठपुर) एवं सर्व तहसील अध्यक्ष कोरिया, वरिष्ठ लिपिक रामकुमार राजवाड़े, योगेन्द्र सिन्हा, मोतीलाल वर्मा, एम आर यादव, आर के शर्मा, राम लाल राजवाड़े, अजीत सिंह पैकरा, फारूख अंसारी, चंदन चन्द्रा, बृजेष सिंह, अनिता तिग्गा, अर्चना, मुकेंष अहिरवार, रोहित साहू, शैलेष खाखा सहित जिले भर के लिपिक भारी संख्या में मौजूद रहे।

क्या है पूरा मामला

गौरतलब हो कि गरियाबन्द जिले के देवभोग स्थित नायब और प्रभारी तहसीलदार बाबू शुभम पात्रा ने आत्महत्या कर ली है। लिपिक शुभम पात्रा ने अपने पीछे एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है। सुसाइड में लिपिक ने नायब तहसीलदार बाबूलाल कुर्रे पर प्रताड़ना के साथ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाया है।

खाखा ने कहा कि शुभम पात्रा की मौत के लिए प्रभारी तहसीलदार बाबूलाल कुर्रे जिम्मेदार है। प्रभारी तहसीलदार की प्रताड़ना से परेशान हो कर शुभम ने आत्महत्या की है। वही पर उनहोने बताया कि इस मामले में हमारे प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी साफ कहा है कि छत्तीसगढ़ में बेलगाम अफसरशाही और प्रशासनिक आतंकवाद चरम पर है। जिसका दुष्परिणाम छोटे कर्मचारियों को भुगतना पड रहा है। कर्मचारी आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर हो रहा है।

एफआईआर करें सिर्फ तबादला से काम नही चलेगा

उन्होने कहा कि शुभम पात्र के खाते में छुट्टी बची रहने के बाद भी तहसीलदार ने बीमार मां को देखने के लिए छुट्टी देने से इंकार किया है। निश्चित रूप से यह असंवेदनशीलता की पाराकाष्ठा है। इसलिए दोषी तहसीलदार को तत्काल निलंबित करते हुए शासन से मुकदमा चालाने की मांग करते हैं। यदि जल्द से जल्द कार्यवाही नहीं की जाती है या मामले को दबाने का प्रयास किया गया तो संगठन प्रदेश स्तर पर काम काज ठप्प कर दिवंगत लिपिक के लिए न्याय की मांग करेगा। उन्होने कहा कि उसका सिर्फ तबादला करने से हम नही मानेंगें बल्कि संघ पुरे प्रदेश में इसको लेकर आदांलन करने को विवश होगा।

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