पछुआ हवाओ ने गिराया पारा, बढी किसानो की चिंता, आने वाले दिनों में हो सकती है बारिष

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तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर

गत दो दिनो से कोरिया जिले में मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। बैकुन्ठपुर में रुक-रुक कर चल रही ठंडी हवाओं ने अपना रुख तेज कर लिया है। ऐसे में लोग अपने बच्चों और खुद की बचाव करते नजर आए। मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार पूरे उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदला गया है। यही कारण है कि कारण पुरे सरगुजा संभाग में मैदानी इलाकों में कुछके ईलाको में बारिश की संभावना है। ऐसे में क्षेत्र में आने वाले हफ्ते में ठंड बढ़ सकती है और लोग ठिठुरते नजर आ सकते हैं। दीपावली पर होने वाली आतिशबाजी से उठने वाले धुएं के कारण तापमान के बढ़ने ही उम्मीद थी। लेकिन, हुआ इसका उल्टा। तापमान पिछले दिन के मुकाबले लुढ़ककर अधिकतम 24 व न्यूनतम 12 डिग्री पर जा पहुंचा। यह सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस कम रहा। मौसम के मिजाज में आई इस तब्दीली के कारण शाम से ही लोगों को ठंडक का अहसास होने लगा था।

फटाफट कर हैं ढुलाई

मौसम को देखते हुए क्षेत्र के किसानो ने अपनी खेतो में कटी धान की फसल को जल्दबाजी में उठाने के लिए टेक्टर, पिकप आदि कई साधनो का सहारा खेतो में पडे धानो की ढुलाई करने के लिए कर रहें हैं। मोसम विीााग की माने तो अगते 3 से 4 दिनो में एक बार फिर क्षेत्र के कइ्र ईलाको में बारिष हो सकती है।

उत्तर की हवाओं से गिरेगा तापमान

मौसम वैज्ञानिक डाॅ आर एस सिदार ने बताया कि इस समय उत्तर-पूर्वी हवा चल रही है। उत्तर की ओर से ठंडी हवा आना शुरू हो गई है। इस कारण तापमान में भी गिरावट आएगी। गुरुवार को भी ऐसा ही मौसम बना रहने की संभावना है।

निकल आए गर्म कपड़े

ठंड बढ़ने के कारण लोगों ने गर्म कपड़ों का उपयोग भी शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि मौसम विशेषज्ञ पहले ही यह अनुमान जता चुके हैं कि इस बार कड़ाके की ठंड पड़ेगी। मौसम विभाग का कहना है कि पडोसी राज्य में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसका असर पुरे छत्तीसगढ समेत पुरे जिले में देखना शुरु हो गया है। इसी वजह से मौसम में बदलाव हुआ है। अभी आने वाले दिनो में ऐसे ही मौसम बना रहेगा, फिर धीरे-धीरे सर्दी बढ़ेगी।

मिलाजुला होगा असर

मौसम विभाग के मुताबिक, यदि बारिश होती है जो उन जगहों पर नुकसान हो सकता है, जहां धान की फसल कट चुकी है। वहीं, बारिश होने पर वहां फायदा होगा, जहां पानी के अभाव में अभी तक गेहूं की बुआई नहीं हुई है। ऐसे में बारिश का मिलाजुला असर देखने को मिलेगा। हालांकि, पिछले साल की अपेक्षा इस बार सर्दी देर से शुरू हुई है। ऐसे में इस बार ज्यादा दिनों तक ठंड पड़ने की आशंका है।

सेहत के लिए हो सकती है हानिकारक

मौसम में नमी बढ़ने के कारण वायरल इंफेक्शन सहित कोरोना का खतरा बढ़ गया है। वायरल की चपेट में छोटे बच्चे ही नहीं बल्कि युवा और बुजुर्ग भी आ जाते हैं। डाॅक्टर प्रिंस जयसवाल ने बताया कि मौसम में बदलाव से ईको नर्वस सिस्टम में इंफेक्शन, लीवर और हार्ट प्राब्लम, कोरोना वायरस गैस्ट्रोइंटोलाइजिस्ट, रेस्पिरेटरी इंफेक्शन, कंजक्टिवाइटिस, बच्चों में लोअर रेस्पिरेटरी ट्रैक इंफेक्शन तथा इन्फ्लूएंजा वायरस कोल्ड व निमोनिया का असर बढ़ सकता है।

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