बंद पड़ेअमेरा खुली खदान 50 वर्षीय ग्रामीण कोयला निकालने गए मिट्टी धंसने से पूरे 24 घंटा मिट्टी के अंदर फसा रहा और फायर वाचर के सजगता से बचा जान वहीं दूसरी ओर एसीसीएल प्रबंधक की लापरवाही सामने आई हालत नाजुक अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया

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तहकीकात न्यूज  @ दिनेश बारी . लखनपुर

लखनपुर विकासखंड के अंतर्गत विगत 2 वर्षों से अमेरा खुली खदान भूमि अधिग्रहण के कारण उत्खनन बंद है जिसके तारतम में एसीसीएल प्रबंधक की सुरक्षा पहुंचाना दायित्व बनता है और उससे प्रतिबंधात्मक क्षेत्र में किसी को प्रवेश नहीं किया जाना चाहिए परंतु एसीसीएल प्रबंधक के द्वारा मौके पर खुली खदान में सुरक्षा का कोई भी मापदंड अपनाया नहीं जा रहा है एक सुरक्षाकर्मी के बदौलत पूरे खदान की सुरक्षा कराई जा रही है-

वही आज दिन बुधवार को एक बड़ा दुर्घटना अमेरा खुली खदान को सामने आया जहां वहां आए दिन आसपास क्षेत्र के ग्रामीण मिट्टी में दबे कोयले को सफाई कर बोरे में इकट्ठा कर ले जाया जाता है इसी कड़ी में बीते दिन मंगलवार को रंजीत पिता स्वर्गीय नवधा राम उम्र लगभग 50 वर्ष निवासी ग्राम रजपुरी कला द्वारा कोयला निकालने अमेरा खुली खदान गया हुआ था कोयला निकालते हुए मिट्टी में काफी सुरंग होने के कारण मिट्टी के धंसने से पूरी तरीका से उसमें फास गया था जिससे पूरी रात और आज लगभग 4-5 बजे दिन बुधवार को खदान क्षेत्र में लगे प्लांटेशन की सुरक्षा कर रहे फायर वाचर सतार सिंह के सजगता से पहुंच कर उसकी किसी तरह बाहर निकालकर एसीसीएल प्रबंधक के सुरक्षाकर्मी सहित अन्य लोगों को इसकी जानकारी दी गई तत्पश्चात उसके परिजन एवं एसईसीएल प्रबंधक मौके पर पहुंचे मुक्त दुर्घटनाग्रस्त ग्रामीण की हालत नाजुक देखते हुए उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है हालत नाजुक बताई जा रही है उक्त ग्रामीण की।
वहीं क्षेत्र के ग्रामीणों के द्वारा एसीसीएल प्रबंधक की लापरवाही से आए दिन मवेशियों सहित अन्य जीव-जंतुओं की उस खुली खदान पोखरा में दुर्घटनाएं होने की संभावनाएं बनी रहती हैं सुरक्षा का कोई भी मापदंड एसीसीएल प्रबंधक नहीं किया जा रहा है

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