तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
स्वास्थ्य विभाग बैकुन्ठपुर द्धारा कोरिया जिले में मलेरिया से होने वाली मौत का एक भी मामला सामने नहीं आने का दावा कर रहा है। हालांकि इसमें कई कारणो को माना जा रहा है। जबकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यह संभव हुआ, स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय पर उपचार एवं बचाव के उपायों के प्रति लोगों को जागरूक करने से और नागरिकों की जागरूकता से। कोरिया जिले में मलेरिया को जड़ से खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय कीट जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मलेरिया मुक्त कोरिया अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य है वर्ष 2022 तक कोरिया जिले में जीरो मलेरिया से मौत, मलेरिया के मामलों में आधार रेखा वर्ष 2019 को मानते हुए कम से कम दो-तिहाई मामलों में कमी लाना तथा उन क्षेत्रों में मलेरिया संचरण की फिर से स्थापना को रोकना जहां संचरण बाधित हो गया है। जिले में मलेरिया उन्मूलन हेतु जिला टास्क फोर्स समन्वय समिति का गठन किया गया है। मलेरिया मुक्त कोरिया अभियान के तहत ठोस रणनीति के साथ मलेरिया को मिटाने की मुहिम स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने आम जन से अपील की है कि घर-घर भ्रमण के दौरान आए स्वास्थ्यकर्मी से अपनी जांच कराएं। घर या ऑफिस के आसपास पानी जमा न होने दें। नालियों को साफ रखें। जिले को मलेरिया मुक्त बनाने के लिये अपना सहयोग दें।

30 जनवरी 2021 तक चलेगा अभियान
विभाग का कहना है कि वर्ष 2018 में जहां मलेरिया के बीएस परीक्षण में 1 लाख 12 हजार 660 मामले सामने आये थे, वहीं 2020 में यह संख्या घटकर 86 हजार 405 हो गई। 15 दिसंबर से 31 जनवरी 2021 तक चलने वाले मलेरिया मुक्त कोरिया अभियान के तहत अब तक कुल 2020 घरों का सर्वे किया गया है। इस अभियान के तहत जिले को मलेरिया मुक्त बनाने के लिए प्रत्येक ग्राम में स्वास्थ्य कार्यकर्ता व मितानिन घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रहे हैं और उनके द्वारा पाजीटिव पाये गये लोगों को दवाइयां बांटी जा रही हैं। इसके तहत जिन लोगों को जांच के बाद उपचार की आवश्यकता है, उनका निशुल्क उपचार भी किया जा रहा है। यह अभियान 30 जनवरी 2021 तक चलेगा।
अब तक 2020 घरों का सर्वे
जिले में गठित 302 दलों के द्वारा अब तक कुल 2020 घरों का सर्वे किया गया, जहां 8135 व्यक्तियों की रक्त जांच की गई है। जिसमें 30 गर्भवती महिलाओं एवं 10 कोविड के लक्षण पाये गये व्यक्ति शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 607 घरों में कीटनाशक का छिड़काव किया गया है तथा कुल 1974 घरों में एलएलआईएन मच्छरदानी का उपयोग किया जा रहा है। स्थानीय मितानिन पीड़ितों के फॉलो-अप खुराक सेवन की निगरानी स्वयं कर रही हैं। अभियान के तहत पीड़ितों द्वारा दवा की पूर्ण खुराक लिए जाने के बाद खाली रैपर भी संग्रहित किये जाएंगे। मलेरिया जांच वाले घरों पर स्टीकर चिपकाया जाएगा । इन स्टीकर पर दवा के खुराक की जानकारी का भी उल्लेख रहेगा।

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