तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
परिवहन विभाग की उदासीनता एवं ठोस कार्रवाई के अभाव में बस ऑपरेटरों के हौसले बुलंद हैं। यात्री बसों में किराया सूची चस्पा करना तो दूर यात्रियों को थमाए जाने वाले टिकटों में दूरी, भाड़ा का उल्लेख नहीं मिलता है। बसों में किराया सूची चस्पा न कर बस ऑपरेटर शासन के नियमों का मखौल उड़ा रहे हैं। लगातार खबर प्रकासित होने के बाद हरकत में आया जिला परिवहन विभाग की सभागीय उडनदास्ता टिम द्धारा एक दिवसीय कार्यावाई के दौरान 7 बसो पर किराया षासन की तय सीमा से अधिक वसुले जाने के कारण फाईन काटा गया। सभी बसो से वाणाणसी, राॅची, डाल्टेनगंज, इलाहाबाद, सीधी सहित रायपुर, बिलासपुर, अम्बिकापुर की ओर जाने वाली यात्री बसों में किराया सूची नहीं है। इसके बावजूद बसो के संचालक भाडा कम करने को तैयार नजर नही आ रहा है। यात्रियों से अनाप-शनाप किराया वसूला जा रहा है। विदित हो कि यात्रियों से मनमाना किराया वसूल किए जाने की शिकायत के बाद शासन ने बस ऑपरेटर तथा कंडक्टरों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से बसों में किराया सूची चस्पा करने का आदेश परिवहन विभाग की ओर से जारी किया था लेकिन आरटीओ की ओर से कड़ाई से इस आदेश का पालन करने दबाव नहीं बनाने के कारण बस ऑपरेटर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कोरोना काॅल के बाद बस ऑपरेटरों ने तवज्जो नहीं दी।

मजबूरी में सहते हैं मनमानी
यात्रियों की मानें तो किराया स्पष्ट नहीं होने के कारण कई बार वे ठग लिए जाते हैं। बस कंडक्टर किराए के नाम पर मनमानी कर रहे हैं। परिवार के साथ यात्रा कर रहे लोग ऐसी स्थिति से बचने कंडक्टर की मनमानी को मजबूरी में सहन कर लेते हैं। यात्रियों को आधे रास्ते में ही बस से उतार देने की धमकी दी जाती है। भोले-भाले ग्रामीण बस कंडक्टरों की इस मनमानी से खासे परेशान हैं। यात्री वाहनों में किराया सूची लगवाने तथा इस आदेश का पालन करवाने की जिम्मेदारी आरटीओ की है लेकिन वे इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
बस ऑपरेटरों ने 20 फिसद अधिक वसुल रहे किराया
परिवहन विभाग की सहमति से बस ऑपरेटरों ने करीब 4 साल बाद यात्री किराए में से 20 से 25 प्रतिशत बढ़ोतरी की है। बढ़ी हुई दरें लागू होने के दो माह बाद भी बसों में निर्धारित किराया सूची चस्पा नहीं की गई है। बसों में अधिक किराया लेने की बात पर यात्रियों और कंडक्टरों के बीच अक्सर विवाद हो रहे हैं। मनमाना किराया वसूलने के बावजूद ओवरलोड बसों में यात्रियों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। जिला मुख्यालय सहित कस्बों के बस स्टैंड से विभिन्न रूटों पर चलाई जा रही 135 बसों में प्रतिदिन हजारों यात्री परेशान हो रहे हैं। यात्रियों में असंतोष इस बात को लेकर है कि किराए में बढ़ोतरी होने के बाद भी उन्हें कष्टमय सफर से कोई राहत नहीं मिल रही है। सवारियों से ऊपर नीचे ठसाठस भरकर कई अनफिट बसें सड़क पर दौड़ रही है।
इस नाम पर की जा रही घोखाधडी
बस ऑपरेटरों ने बसों में साधारण से लेकर डीलक्स श्रेणियों में किराया तो 20 से लेकर 25 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है, लेकिन यात्रियों को सुविधा एवं परिवहन विभाग द्वारा बसों के संचालन को लेकर जारी किए गए आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं। आलम यह है कि बस चालक और परिचालक बिना यूनिफार्म के ही बसों का संचालन कर रहे हैं। छत से लेकर बस के पीछे सीढ़ी व लोहे के जाल और गेट पर लटकते हुए यात्री सफर करते देखे जा सकते हैं। यात्रियों की जान को जोखिम में डालने वाले बस ऑपरेटरों को पुलिस और आरटीओ की कार्रवाई का कोई डर नहीं रहता है।
कई बसों में नहीं है इमरजेंसी विंडो
गत वर्षो में कोरिया जिले में लगातार बसो में आग लगने से हुए भीषण हादसे के बाद प्रदेश के परिवहन विभाग ने सभी बसों में सुरक्षा इंतजाम को लेकर गाइड लाइन जारी की थी। लेकिन एक साल से ज्यादा समय बीतने के बावजूद परिवहन विभाग के निर्देश बेअसर है। परिवहन विभाग द्वारा हर बस में दो गेट के साथ एक इमरजेंसी गेट व सिंगल विंडो लगाना अनिवार्य किया है। लेकिन बस ऑपरेटरों ने सिर्फ बड़े शहरों के बीच चलने वाली बसों में ही सुरक्षा मानदंडों का पालन किया है। जबकि ग्रामीण रूटों पर चलाई जा रही बसों में दो गेट तो हैं, लेकिन आपातकालीन द्वार तथा इमरजेंसी विंडो नहीं लगवाई है। कई बसों के पीछे छत पर चढने के लिए लोहे की सीढ़ी और जाल भी नहीं हटाए गए है। जिससे दुर्घटना होने पर जनहानि की आशंका ज्यादा रहती है।
100 बसों में रोज सफर करते हैं 6 हजार यात्री
जिले के बैकुन्ठपुर, मनेनद्रगढ एवं चिरमिरी बस स्टैंड से प्रतिदिन 100 से अधिक बसों में लगभग 6 हजार यात्री सफर करते हैं। वाणाणसी, राॅची, डाल्टेनगंज, इलाहाबाद, सीधी सहित रायपुर, बिलासपुर, अम्बिकापुर के लिए सीधी बस सेवा उपलब्ध है।
आगे भी जारी रहेगी चेकिंग अभियान
जिले के परिवाहन अधिकारी अरविन्द भगत ने कहा कि बसों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर महकमा गंभीर है। सभी बस ऑपरेटरो को इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किए हैं। सभी बसों में किराया सूची का बोर्ड लगाने के लिए बस मालिकों से कहा गया है। जिन रूटों पर कंडम बसों का संचालन और ओवरलोडिंग की शिकायतें मिली है चेकिंग अभियान चलाकर बसों की फिटनेस और परमिट शर्तों के उल्लंघन के मामले में सीधे जुर्माना की कार्रवाई की जाएगी।
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