तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
शासन की मंशा को पूरा करने के लिए अधिकारी किस हद तक जा सकते हैं, इसकी बानगी देखने को मिली कोरिया जिले के बैकुन्ठपुर में। महिला बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में नियम कानून की जमकर धज्जियां उड़ाने की बात कही जा रही है। कोरोना काल में इन लोगो को न तो मासक लगाने का ख्या नही रहा और न ही सोसल डिस्टेंसिंग का ख्याल रहा। वही पर शादी कार्यक्रम कुछ जानकारो ने बताया कि कई जोड़े ऐसे थे जिनकी पहले से शादी हो चुकी है या फिर अप्रैल व मई माह में लगन के दौरान शादी होनी है। जरुरत है इस बात की जाच की है। एैसा नही है इस तरह की बात पहली बार सामने आ रही हो लगातार विगत वर्षो में कई मामले इस तरह के ही सामने आते रहे हैं।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एसईसीएल क्लब ग्राउन्ड में शादियों का। विभाग को जिले में करीब 241 शादियों का लक्ष्य मिला था। महिला बाल विकास विभाग को छः माह तक शादी के लिए जोड़े ही नहीं मिले। मार्च के अंतिम सप्ताह में बजट खर्च करने के लिए विभाग ने आनन फानन में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का आयोजन किया। शादी के लिए जोड़े तैयार किये गये । इस शादी में 175 जोड़ों की शादी रीतिरिवाज से हुई।
जबकि इस संबंध में जिले के महिला बाल विकास अधिकारी मनोज खलखो ने स्पष्ट कहा कि यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है तो ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी । जबकि उन्होंने कहा कि मुझे ऐसी कोई जानकारी नहीं है जिसम दोबारा फेरे कराए जा रहे हैं । इस दौरान उन्होंने बताया कि जिले भर में 175 जोड़ों के शादी आज रीति रिवाज से संपन्न हुए । जिसमें बैकुंठपुर में 35 मनेंद्रगढ़ में 50 खंडगवा में 65 एवं भरतपुर में 25 जोड़ों की शादियां संपन्न कराई गई । जबकि भरतपुर एवं सोनहत में आगामी 15 मार्च तक बची हुई शादियां संपन्न कराई जाएंगी । इस दौरान उन्होंने बताया कि प्रत्येक विवाहित जोड़े के लिए 25000 की राशि शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई थी जिसमें से 19000 के समान एवं एक हजार नगद व 5000 वैवाहिक खर्च के माध्यम से पूरा किया गया । जिसमें वर वधु को उनके वैवाहिक वस्त्र अलमारी रेट पेटी बर्तन सेट रजाई गद्दा चादर मंगलसूत्र बिछिया साड़ी आदि उपलब्ध कराया गया ।
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