निजी अस्पताल में कोरोना मरिज की मौत, जिला प्रषासन की जाॅच टिम ने षुरु की कार्रवाई

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  • बैकुन्ठपुर के षर्मा हास्पीटल में कोरोना पॉजिटिव मरीज की रविवार को ईलाज के दौरान हुइ थी मौत
  • सोमवार की रात में कोरिया कलेक्टर के द्धारा जाच के आदेष के बाद मंगलवार को हाॅस्पीटल पहुॅची टिम ने दस्तावेज खंगाले

तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर

कोरिया जिला मुख्यालय शहर के महलपारा रोड पर स्थित षर्मा हॉस्पिटल में रविवार की सुबह बड़ी लापरवाही सामने आई। यहां पर सामान्य बीमारियों से ग्रस्त मरीजों के बीच कोरोना पॉजिटिव का इलाज किया जा रहा था। जिसके बाद इस प्राईवेट आस्पताल के पास छत्तीसगढ षासन से कोरोना के ईलाज की अनुमति नही होने के बाद भी मरिज को अस्पताल में भर्ती कर गंभीर रुप सं सं्रकमित मरिज का ईलाज किया जा रहा था। मरिज की तबीयत बिगडी और उसकी मौत हो गइ। इस बात की जानकारी सोमवार को जिले के सीएचएमओ द्धारा कलेक्टर एस एन राठौर को दिया। जिस पर कोरिया कलेक्टर द्धारा एक जाॅच टिम का गठन कर जाच के आदेष दिये गये।
वर्तमान में जिले में कोरोना का उपचार करने के लिए कसी भी निजी अस्पताल को अनुमति नही है इसके बावजूद चंद पैसो की लालच में निजी अस्पतालों केन्द्र सरकारके महामारी नियमो को मजाक बना कोविड-19 मरीज का उपचार किया जानानिदनिय ही नही चिंतनिय भी है। वही पर षर्मा हास्पीटल के संचालक डा. राकेष षर्मा से जब इस सबंध में बात की गई तो उनका कहना था कि मुझे नही मालूम था कि मृतक कोरोना पाजेटिव है, हमारे यहा उसका निमानिया का ईलाज चल रहा था। बडा मजाक लगता है इनके द्धारा यह सुनकर आज देष भर में कोरोना से हो रही हजारो मौतो के पीछे निमोनिया ही जिम्मेदार है फिर इस प्रकार का गैर जिम्मेदाराना रवैया भागवान भला करें।

अस्पताल में भर्ती दूसरे मरीजों को जान का खतरा

इस अस्पताल द्धारा जिस प्रकार से कोरोना पाजेटिव मरिज का ईलाज किया जा रहा था उससे अस्पताल में भर्ती दसरे मरिजो के कोरोना से ग्रसित होने का खतरा मंडरा रहा है। इसलिए अब पूरे अस्पताल में भर्ती मरिजो की कोरोना जाॅच किये जाने की जरुरत है। अन्य बीमारियों के मरीजों के बीच कोरोना पॉजिटिव मरीज को भर्ती कर उपचार किए जाने की जानकारी जब यहां के अन्य मरीजों को मिली तो वह भी घबरा गए। इस बीच सूचना पर एसडीएम बैकुन्ठपुर टीम के साथ मौके पर पहुंचे और कागजातो की पडताल की।

मामला दबाने में लगा अस्पताल

मामले के तूल पकडने के बाद कलेक्टर ने जाच दल गठित कर दिया । जिसके सबंध में जानकारी मिल रही है कि अस्पताल प्रबंधन के द्धारा मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है वही दूसरी ओर प्रशासन की जांच टीम के मौके पर पहुंचने के बाद जब मरीज के उपचार से जुड़े दस्तावेज जांच किए तो उसमें कई बातें सामने आई है। अब देखना है अस्पताल पर जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की षिकायत सार्थक नतीजे तक जाती है या फिर पूर्व की तरह इस अस्पताल द्धारा उनके उचे पहुॅच का स्तेमाल कर मामले को दफन कर दिया जाता है।

उपचार करने की नहीं है अनुमति

कलेक्टर के आदेष पर षर्मा हॉस्पिटल में जाच टीम पहुंची थी। अस्पताल को कोविड-19 मरीज का उपचार करने की अनुमति नहीं है लेकिन नियमों का उल्लंघन करते हुए उक्त अस्पताल के द्वारा सामान्य मरीजों के बीच कोरोना पॉजिटिव मरीज का उपचार किया जा रहा था जो कि गलत है। अस्पताल के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई कर आगे की कार्रवाई के लिए सीएमएचओ को आगे की कार्यवाई के लिए भेजा जा सकता है।

ये दिया गया है आदेष

शर्मा हॉस्पिटल द्वारा मरीज सुनील तिवारी निवासी जूनापारा बैकुंठपुर का इलाज किया गया जो को कोविड-19 था पॉजिटिव था इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई है शर्मा हॉस्पिटल द्वारा कोविड-19 हो के इलाज के लिए शासन से कोई अनुमति नहीं ली गई फिर भी उनके द्वारा को एक मरीज का इलाज किया गया तथा इलाज के दौरान सुनील तिवारी की मृत्यु हो गई थी सुनील तिवारी का इंतजार रिपोर्ट दिनांक 29 साथ 2021 कोविड पॉजिटिव पाई गई थी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य शिक्षा द्वारा उपरोक्त पत्र की प्रतिलिपि थाना प्रभारी बैकुंठपुर को पार्थिव शरीर को सुपुर्द कर निगरानी में रखने हेतु सूचित किया गया है ।

अस्पताल ने महामारी कानून का किया खूला उलंघन

भारत सरकार गृह मंत्रालय के आदेश दिनांक 29.04.2021 के तहत दिनांक 31.05.2021 तक एपिडमिक एक्ट 1897 एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 प्रभावशील है । इलाज हेतु अनुमति ना होने के बावजूद शर्मा हॉस्पिटल द्वारा कोविड मरीज सुशील तिवारी को भर्ती किया गया था इलाज के दौरान दिनांक 09.05. 2021 को उनकी मृत्यु हो गई इससे स्पष्ट है कि यह व्यक्ति ऐसी परिस्थितियों में मरा है जिससे स्पष्ट रूप से संदेह होता है कि अन्य व्यक्ति ने कोई अपराध किया है दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 176 के तहत मृत्यु की मजिस्ट्रेट की जांच किए जाने हेतु सुखनाथ अहिरवार ,अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट को जाँच अधिकारी नियुक्त किया जाता है ।

इन बिंदुओ के आधर पर हो रही जाच


1-मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई है
2-घटनाओं का तरीका और उनका घटनाओं का क्रमवार विवरण ,इनकी वजह से मृत्यु हुई
3-मृत्यु का कारण
4-मृत्यु जिम्मेदार कोई व्यक्ति या पूछताछ के दौरान सामने आने वाली किसी बेईमानी का संदेह
5- मृत्यु के लिए जिम्मेदार लोक सेवक/ कानून प्रवर्तन एजेंसी द्वारा की गई कोई चूक
6-मृतक को दी गई चिकित्सा का पर्याप्तता
7- शर्मा हॉस्पिटल द्वारा इसके अतिरिक्त कोविड मरीजों को भर्ती कर ईलाज किए जाने एवं उसमे पाई गई अनियमितता
8- भविष्य में इस प्रकार की घटना रोकने हेतु सुझाव

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