तीसरे वेव की आहट है जिले में अब बच्चो पर कोरोना का वार

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तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर

कोरिया जिला में बच्चो में कोरोना संक्रमिण का पहला मामला सामने आने के बाद प्रदेष सरकार समेत जिला प्रषासन के कान खडे हो गये है। जानकार जिसकी आषंका जानकार जता रहे थे क्या ये उसकी षुरुआत है इस सवाल क जवाब तो समय आने वाले दिनो में खुद दे देगा। गौरतलब हो कि 3 वर्षीय बालिका को लेकर उसके माता पिता बुधवार की रात 11 बजे पहुंचें, मामले की जानकारी के बाद संसदीय सचिव अम्बिका सिंह देव ने चिकित्सकों को यथासंभव बेहतर चिकित्सा के निर्देश दिए। पहले बालिका को कोविड अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां खून की कमी के कारण वहां खून नहीं दिया जा सका। देर रात उसे वापस जिला अस्पताल लाया गया। जिसके बाद बालिका की हालत में काफी सुधार आया। वहीं दूसरी ओर सुबह संसदीय सचिव बच्चें को लेकर कोविड अस्पताल पहुंची । इसके बाद सीएमएचओ डॉ रामेश्वर शर्मा को लेकर संसदीय सचिव ने खाली पडे भवनों को निरीक्षण किया व 100 बेड अतिरिक्त और 50 बेड बच्चों के लिए नए बनाए जाने को कहा।

बच्चों को कोरोना वायरस से कैसे बचाएं

बच्चे अगर कोरोना से संक्रमित होते हैं तो उन्हें आप हर तरह की दवा नहीं दे सकते हैं। रेमडेसिविर जैसी दवाएं बच्चों को नहीं दी जा सकती हैं। ऐसे में आप सिर्फ एहतियात बरत कर ही उन्हें सुरक्षित रख सकते हैं। कोरोना वायरस की दूसरी लहर लोगों में तेजी से फैल रही है। कोरोना का डबल म्यूटेंट वायरस अब बच्चों को भी अपनी चपेट में ले रहा है। दरअसल, छोटे बच्चे किसी भी तरह की परेशानी को बता नहीं पाते हैं इसलिए उन्हें इस संक्रमण से बचाने के लिए बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होनी चाहिए।

बच्चों में कोरोना के लक्षण

1- बच्चे को 1-2 दिन से ज्यादा बुखार रहे.
2- अगर बच्चे के शरीर और पैर में लाल चकत्ते हो जाएं.
3- अगर आपको बच्चे के चेहरे का रंग नीला दिखने लगे.
4- बच्चे को उल्टी-दस्त की समस्या हो.
5- अगर बच्चे के हाथ-पैर में सूजन आने लगे.

ये ट्रिक्स अपनाएं

1- फेफड़े मजबूत बनाने के लिए बच्चों को गुब्बारे फुलाने के लिए दें.
2- बच्चों को पीने के लिए गुनगुना पानी दें, इससे संक्रमण का खतरा कम होगा.
3- अगर बच्चा थोड़ा बड़ा है तो उसे सांस वाली एक्सरसाइज कराएं.
4- बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए खट्टे फल खाने के लिए दें.
5- बच्चों को बैक्टीरियल इंफेक्शन और वायरल इंफेक्शन से बचाने के लिए हल्दी वाला दूध दें.
6- बच्चों को इस बीमारी के बारे में और सावधानी के बारे में समझाएं, डराएं नहीं.

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