दूसरे दिन भी दिखा टाक्टे का असर, सुबह तेज हवाओ संग जमकर हुई बारिश…….नौतपा में भीषण गर्मी पडने के आसार

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तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर

इन दिनो जिले में उमस के साथ तेज गर्मी पड़ रही है। इस बीच टाक्टे तूफान का असर जिले में फिर से देखने को मिली जहा दूसरे दिन भी तेज हवाओ संग जमकर बारिष हुई। वही दिन भर सूर्य और बादलों के बीच धूप-छांव का खेल जारी है। आसमान में बादल छाए रहने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है। जिले का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब है। मौसम विभाग की मानें तो बिहार व उत्तर छत्तीसगढ़ के उपर एक द्रोणिका सक्रिय है। जिसके प्रभाव से बारिश की संभावना बनी हुई है। इस कारण मंगलवार के बाद बुद्धवार को जिले में कई जगहों में फिर से बारिश हुई है। दूसरी तरह इस बारिश के कारण बिजली कंपनी के 24 घंटे बिजली सप्लाई के दावे की पोल खोल कर रख दी है। क्योंकि पुरे जिले में मंगलवार को आंधी-तूफान के बाद कई जगहों में बिजली सप्लाई बंद थी। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

इस कारण बदल रहा मौसम का मिजाज

चक्रवाती तूफान टाक्टे के बाद अब बिहार व उत्तर छत्तीसगढ़ के उपर एक द्रोणिका के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज बदल गया है। मंगलवार की सुबह कुछ देर के लिए धूप खिली लेकिन उसके बाद बादलों ने डेरा जमा लिया। इससे एक दिन पहले भी बादल रहे। जिसके कारण उमस ने आम जनजीवन को बेहाल कर दिया था। मौसम विभाग का कहना है कि द्रोणिका के असर से जिले में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। वैसे पिछले कई दिनों से मौसम इसी तरह का चल रहा है।

उमस से लोग परेषान

जिले के सभी क्षेत्रों में सुबह के समय धूप खिलती है जबकि शाम को बादलों का जमावडा शुरू हो जाता है। बीच में तो झमाझम बारिश भी होती है। मौसम विभाग ने भी बारिश की संभावना व्यक्त की है। खासतौर से रात के वक्त तो उमस कुछ ज्यादा ही परेशान कर रही है। कूलर, एसी के बाद भी लोगों को उमस से राहत नहीं मिल रही है। उधर लगातार मंडरा रहे बादलों के कारण वातावरण गर्म हो चुका है।

25 मई से नवतपा होगा प्रारंभ

भले ही इस बार अप्रैल और मई में अपेक्षाकृत गर्मी नहीं पड़ी है, लेकिन मौसम विज्ञानी नौतपा (25 मई से दो जून तक का समय) में भीषण गर्मी पड़ने की संभावना जता रहे हैं। इसका कारण नौतपा के समय मौसम शुष्क बने रहने की संभावना को बताया जा रहा है। आमतौर पर गर्मी के सीजन में अप्रैल-मई में ही सर्वाधिक गर्मी पड़ती है। लेकिन, इस बार अप्रैल के बाद मई में भी कई प्रदेशों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने से इस पर असर पड़ा है। नौतपा के समय दिन बड़े होते हैं। इस वजह से देर तक सूर्य की ऊर्जा पृथ्वी को मिलती है। इस समय देश में सूर्य पृथ्वी के सबसे नजदीक होता है। साथ ही उसकी किरणें सीधी पृथ्वी पर पड़ती हैं। इस वजह से तापमान तेजी से बढ़ता है।😊😊😊😊

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