तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
जिस जिले में संक्रमण दर 30 फिसद से अधिक हो वहा पर जिस प्रकार से महामारी कानून की धज्जिया उडाई जा रही है। उसे देखेते हुए शहर का भगवान ही मलिक नजर आ रहा है। पहले ही दिन जिले में कलेक्टर कोरिया के द्धारा लाये गये तमात महामारी के नियम कानूनो पर बैकुन्ठपुर के व्यापारियों की मनमानी के चलते फेल नजर आया। सुबह से व्यापारी अपनी दुकान खोल व्यवसाय शुरु करते हुए नजर आए। इधर, प्रशासनिक अफसर व्यापारियों को लगातार समझाते थके चुके हैं। सुबह 6 बजे शर्तो के साथ खुलने वाले दुकानो के साथ साथ गैरकानूनी तौर पर दूकानो के सामने खडे होकर ग्राहको को बुलाकर कोई चुपके से शटर तो कोई त्रिपाल उठाकर बाजार खुलते ही ग्राहकों को सामान परोसा जा रहा है। तो कोई कहना है शाम को आना तब मिल जायेगा। व्यापारी थोडा सा कारोबार के करने के चक्क्र में सुबह से दुकान के बाहर बैठे रहे और ग्राहकों के आते ही नियम ताक पर रखकर दुकानदारी करते रह हैं। बाजार में व्यापारियों की मनमानी पर कार्रवाई करने अफसर नजर नहीं आ रहे हैं। जिसके चलते बाजार में दिनभर दुकानदारी चलती रही। जिन दुकानदारो के नियम का पालन करने पर ही दुकान खोलने की अनुमति दी गई थी। बावजूद इसके व्यापारी उक्त नियम का पालन करने की बजाए अधिकांश दुकानदारों ने अपना व्यापार शुरु कर दिया। हालांकि कुछ दुकानदारों ने नियमों का पालन करते हुए अपनी दुकान पूर्णतः बंद रखी। वो इन दुकानदारो की हरकते देख अपने आपको गलत नही कर पाने पर अफसोस कर रहे हैं।
डेढ माह से बंद है व्यापार
11 अप्रैल को हुए लॉकडाउन के बाद से पूरे शहर की दुकानें बंद हैं जिसे डेढ माह हो चुका है। व्यापारी लंबे समय से शासन की ओर से राहत मिलने की राह ताक रहे थे और जब प्रशासन ने कुछ राहत दी तो वे नियमों को भूलकर व्यापार करने में लग गए।
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