Baikunthpur @ Tahkikat News
छत्तीसगढ़ शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग के के निर्देशानुसार 26 जुलाई से आंगनबाड़ी केंद्र खुल गये हैं। कोविड-19 महामारी के कारणवश 23 मार्च से आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन बन्द रखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा हितग्राहियों के घर तक सूखा राशन पहुँचाया जा रहा था। अब स्थिति में सुधार के मद्देनजर एक बार फिर कुपोषण के खिलाफ जंग को मजबूत करने हेतु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस तथा गर्म भोजन प्रदाय करने हेतु आंगनबाड़ी केंद्रों को खोला जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों को खोलने से पूर्व पूरी तरह सेनिटाइज कर व्यवस्थित किया गया है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग ने बताया कि कोरिया जिले में संचालित 1 हजार 793 आंगनबाड़ी केन्द्र हैं जिनमें से प्रथम दिन 9 सौ से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र खुले जहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा कोविड-19 से सम्बंधित समस्त दिशा निर्देशों का पालन करते हुए बच्चों का स्वागत किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी स्वास्थ्य देखभाल एवं प्रारम्भिक शिक्षा प्रदान करने हेतु आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है।
आंगनबाड़ी केंद्रों के खुलने से बच्चों और परिजनों में उत्साह देखने को मिल रहा है। बच्चों को तिलक व आरती कर आंगनबाड़ियों में प्रवेश दिया जा रहा है। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता विभिन्न तरीकों से बच्चों का उत्साहवर्धन कर रही हैं। कोरोनाकाल में बच्चों को सुरक्षित पोषण आहार का वितरण व शिक्षा, खेलकूद जैसी गतिविधियों हेतु कलेक्टर श्याम धावड़े ने सभी केंद्रों में कोरोना गाइडलाइन का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
जिले के विकासखण्ड मनेन्द्रगढ़ के लोहारी स्थित केंद्र के कार्यकर्ताओं ने बताया कि आंगनबाड़ी केन्द्र में पोषण वाटिका के तहत एनिमिक महिलाओं एवं मध्यम कुपोषित बच्चों के माता-पिता को कुपोषण से रोकथाम के संबंध में जानकारी दी जा रही है। साथ ही समय पर टीकाकरण, साफ-सफाई, खान-पान, सब्जियों में मुनगा भाजी, हरी पत्तेदार सब्जियों, मौसमी फलों के सेवन से होने वाले फायदे के बारे में भी जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत पूर्व में भी पौष्टिक भोजन, निशुल्क स्वास्थ्य परामर्श एवं सेवाएँ प्राप्त होने से हितग्राहियों को कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं से निजात मिली है।
मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु कलेक्टर श्री धावड़े द्वारा जिला स्तरीय अधिकारियों को ग्राम पंचायतों का नोडल बनाया गया है। सभी नोडल अधिकारी अपने प्रभार के ग्राम में भ्रमण कर रेडी-टू-फूड की गुणवत्ता और वितरण की मॉनिटरिंग कर रहे हैं, साथ ही गांव की समस्याओं से भी अवगत होकर उचित निराकरण का प्रयास किया जा रहा है।
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