Baikunthpur @ Tahkikat News
कोरिया जिले के जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में खस्ताहाल पड़े मुख्य सड़क पर आखिरकर ठेका कंपनी के द्वारा सर्वे का काम शुरू किया गया । सर्वे कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि सड़क जितनी है उतनी ही चौड़ी बनेगी। इस पर ही डामरीकरण किया जाएगा। दुर्भाग्य कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर का है कि जिला बनने सेे 2 दशक से अधिक हो गया किंतु जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के लोगों के लिए एक अदद सड़क के लिए विगत 4 वर्षों से लोगो की मांग करना पड़ रहा है। ऐसे जनप्रतिनिधियों को शर्म आनी चाहिए जो इस तरीके के करतूत के लिए जिम्मेदार हैं। एक बार फिर बैकुंठपुर की सड़क पर सिर्फ पीचिंग का का्र कर षहर के लोगो के साथ छल किया जा रहा है।
चौडीकरण नही होने से लोग निराष
लगातार चौड़ीकरण की मांग और शहर की जरूरत के बावजूद जनप्रतिनिधियों ने जिला मुख्यालय बैकुंठपुर को बेचारा बना दिया है। यही कारण है कि एक बार फिर सड़क चौड़ीकरण नहीं हो पाने से लोग निरा हैं।
काष कलेक्टर संदीपन होते
गौरतलब हो कि कुछ ही महीनों की पहले की बात है उस समय के तत्कालीन कलेक्टर भोस्कर विलास संदीपन ने बैकुंठपुर शहर में खरवत से लेकर जनगणना तक सड़क चौड़ीकरण का खांका खींच दिया था। इस दौरान उन्होंने सर्वे का कार्य भी पूरा करा लिया गया था किंतु इसी दौरान सत्तारूढ़ दल के नाराज जिम्मेदारों ने उनका तबादला ही करा दिया। उसके बाद सड़क चौड़ीकरण एक बार फिर ठंडे बस्ते में चली गई । उनको याद करते शहरवासी आज भी करते हैं कि काश संदीपन कलेक्टर होते तो बैकुन्ठपुर की हालत कुछ और होती।
वर्षो तक और करना होगा इंतजार
3 दशक से सडक चौडीकरण का प्रतिक्षा कर रहे बैकुन्ठपुर के लोगो का इंतजार अब और लंबा होता नजर आ रहा है। गौरतलब हो कि बैकुंठपुर के खरवत शहर होते हुए जमगहना तक कुल 14 किलोमीटर की सड़क विगत 4 वर्षों से जर्जर अवस्था में पड़ी हुई है और इस दौरान इस सड़क पर सैकड़ों घायल तो सड़क पर बने गड्ढों ने दर्जर्नो जिंदगियां निगल ली है। इसके बावजूद भी किसी जिम्मेदार की आंख में पानी नहीं आना पर लोग सिर्फ अपना छाती ही पीट सकते हैं।
जाम से लोग परेषान, नही किसी को सुध
शहर रोज जाम की समस्या से जूझ रहा है। जिससे लोग परेशान है। फिर भी यातायात की व्यवस्था सुदृढ़ नहीं हो सकी है। प्रशासन भी मौन साधे बैठा है। एनएच 43 पर प्रतिदिन घंटो जैसे हालात बने रहेत हैं। बैकुन्ठपुर में जाम की समस्या फैव्वारा चौक से लेकर स्कूलपारा तक लगातार बना रहता है।
अतिक्रमण पर नपा के मौन ने बढाई समस्या
शहर में सड़क जाम की समस्या का सबसे बड़ा कारण सड़क पर दोनों तरफ अतिक्रमण कर लगने वाली दुकान है। इन दुकानों को सुबह के 9 बजे से ही सड़क के दोनों किनारे सजा दी जाती है। ऐसे में शहर की सड़कें संकीर्ण बन जाती है।
दिन में भारी वाहनो के शहर में प्रवेष से जाम
शहर में वन वे ट्रैफिक नहीं है। जिसके कारण एक ही दिशा से वाहनों का आना व जान लगा रहता है। जबकि उधर से लौटने वाली वाहन भी इसी मार्ग से आती है। ऐसे में सड़क जाम की समस्या होना स्वभाविक है। शहर में सड़क जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है। शहर में नो इंट्री की व्यवस्था भी धराशाई है। दिन में भी भारी वाहन शहर में आते-जाते रहते हैं। जिसके कारण जाम की समस्या उत्पन्न होती है।
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