चिरमिरी क्षेत्र की बन्द पड़ी कोयला खदानों के पुनः संचालन के लिए विधायक डॉ. डॉ. विनय ने अपने समर्थकों के साथ एसईसीएल चिरमिरी के जीएम आफिस के सामने किया धरना प्रदर्शन

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  • एसईसीएल के मुख्य महाप्रबन्धक के पत्र का दिया कड़ा जबाब धरना प्रदर्शन में उग्र हुए विधायक जायसवाल. उद्बोधन के बीच में ही छोड़ा मंच .
  • पैदल चल कर मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय के मुख्य द्वार में बैठ कर लगाये मुरादाबाद के नारे.
  • जीएम के सामने डीपी से की बात जल्द चिरमिरी आकर जल्द बैठक का दिया आश्वासन.

Baikunthpur @ Tahkikat News

चिरमिरी क्षेत्र की बन्द पड़ी कोयला खदानों के पुनः संचालन के लिए विधायक डॉ. डॉ. विनय ने अपने समर्थकों के साथ एसईसीएल चिरमिरी के जीएम आफिस के सामने एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया । इससे एक दिन पूर्व
एसईसीएल के मुख्य महाप्रबन्धक के पत्र का कड़ा जबाब देते हुए विधायक डॉ. विनय जायसवाल ने चिरमिरी के अस्तित्व को कायम रखने के लिए उपरोक्त मामले में ठोस कदम उठाने को कहा है ।
विधायक डॉ. विनय जायसवाल ने एसईसीएल चिरमिरी के मुख्य महाप्रबंधक घनश्याम सिंह के पत्र के जबाब में भेजे गए पत्र में कहा है कि चिरमिरी क्षेत्र में पर्याप्त कोयले का भंडार एवं उसका समुचित दोहन के सम्बंध में मुझे निम्न जानकारी पत्र के माध्यम से प्रदाय की है। अंजनहिल भूमिगत खदान को एक्सप्लोजन होने के कारण दिनांक 24 अक्टूबर 2010 से खदान को सिल्ड ऑफ कर दिया बताया है । आपने स्वीकार भी किया है कि उसमें 2600 मीट्रिक टन कोयला उपलब्ध है, इसके पुनः संचालन कि जीबीलीटी रिपोर्ट बनाकर महाप्रबंधक (यो. / परि.) एसईसीएल को पत्र /पी/पी/ 2021 / 1352 दिनांक 21/10/2021 को प्रेषित किया गया है। आपका यह जवाब कुप्रबंधन एवं कोल इंडिया के भर्राशाही को दर्शाता है क्योंकि उक्त दुर्घटना को घटित हुए लगभग 11 वर्ष पूर्ण हो चुके है और आपने सिर्फ विजीबीलीटी रिपोर्ट प्रेषित कर इस मेंगा प्रोजेक्ट से इतिश्री कर ली है। जबकि आपके अनुसार ही लगभग 26 मीट्रिक टन कोयले का भंडारण उपलब्ध है। इसका अर्थ यह हुआ कि प्रबंधन को चिरमिरी के अस्तित्व एवं चिरमिरी वासियों के भविष्य के लिए कोई चिंता नहीं है प्रबंधन केवल कागजों में खानापूर्ति करता है, और जरा भी कठिनाई होने पर सकारात्मक कोई भी प्रयास नहीं किया जाता है। जो अत्यन्त निंदनीय है । इसी प्रकार भंडारदेई भूकभुकी में स्थित भूमि के अधिग्रहण को नोटीफिकेशन 10 नवम्बर 2017 को जारी किया गया एवं अधिग्रहित की गई भूमि की मुआवजा राशि का वितरण कर दिया गया है। सिर्फ एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा भूमि संबंधित याचिका संबंधित न्यायालय में लंबित है। आपका यह जवाब अत्यन्त हास्यास्पद प्रतीत हो रहा है ।

क्या इस विषय पर आपने राज्य शासन को कोई पत्राचार या सकारात्मक प्रयास किया ? क्योंकि एक व्यक्ति की भूमि से संबंधित प्रक्रिया का समाधान प्रबंधन 04 वर्षों तक नहीं करा पाया यह आपकी उदासिनता को दर्शाता है आपको चिरमिरी के स्थायित्व की कोई चिंता नहीं है।
कुरासिया ओपनकाष्ट को बिना कोई समस्या के ही मनमाने तरीके से फरमान जारी कर बंद करा दिया गया जबकि इसके आगे उत्खनन में कोई समस्या नहीं है और अभी भी इसके सतह पर पर्याप्त मात्रा में कोयले का भंडारण उपलब्ध है ।
इसी प्रकार आपके द्वारा 06 बिन्दुओं पर बिन्दुवार जानकारी क्रमशः वेस्ट चिरमिरी कॉलरी, साजापहाड़ बेस्ट चिरमिरी एवं कोरिया के मध्य पल्थाजाम, सीम नम्बर 03, कोरिया रेलवे लाईन एवं मलमा दफाई के बीच एवं बागबोरी कला के पास कोयले भंडारण से संबंधित सभी डाटा एवं जानकारी सर्वे कराकार आगामी 02 गहीने में उपलब्ध कराई जायेगी ऐसा जवाब पत्र में दर्शाया गया है । आपका यह जवाब ” का वर्षा जन कृषि सुखाने” की कहावत को चरितार्थ करता है । आपके सभी उत्तरों से मैं असतुष्ट हूं आपके कार्यशैली सिर्फ खानापूर्ति एवं मौकापरस्ती को दर्शाता है कि कोयला खदानें बंद हो एवं भारत सरकार द्वारा कोविड काल के समय से प्रयासरत कमर्शियल प्लानिंग को बढ़ावा देते हुए भविष्य को गर्त में डालकर चंद आदानी – अंबानी जैसे उद्योगपतियों के हाथों में बेचने का काम किया है जिसकी में भर्त्सना एवं कड़ी निंदा करता हूँ।
विधायक डॉ. विनय ने चेतावनी देते हुए कहा है कि प्रबंधन चिरमिरी के अस्तित्व एवं पलायन को रोकथाम हेतु अग्रसर हो एवं समुचित एवं सकारात्मक ठोस कार्यवाही घरातल से करना प्रारंभ करें अन्यथा भविष्य में और उग्र आंदोलन की जावेगी जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन की होगी।

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