Baikunthpur @ Tahkikat News
कलेक्टर कोरिया व जिला दण्डाधिकारी ने नगरपालिका चुनाव के मददेनजर कोरिया जिला मुख्यालय बैकुन्ठपुर एवं षिवपुर-चरचा के नगरिया क्षेत्र में छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा-4 के शक्तियों का उपयोग करते हुए रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है।
शहर में कोई भी आदेश सिर्फ दिखावे के लिए भर लागू किया जाता है, हकीकत में उन्हें अमली जामा पहनाने कोई प्रयास नही ंकिए जाते। इसकी बानगी शादियों और बारात में बजने वाला डीजे हैं, जिसके बजाने पर जिला निर्वाचन अधिकारी के द्धारा दोनो षहरो में होने वाले चुनाव के मददेनजर प्रतिबंध लगा रखा है। खासकर रात 10 से सुबह 6 तक ।
शहर में चुनाव के दौरान प्रतिबंध के आदेश की सिरे से अवहेलना हो रही है, लोगों की मनमानियां जोरों पर हैं। इतना ही नहीं बारात व अन्य आयोजन में लाऊड स्पीकर तथा बम व पटाखों भी जमकर फोउे जा रहे हैं। शादियों में तेज आवाज में बजने वाला डीजे विद्यार्थियों की पढ़ाई में खलल पैदा कर रहा है। लोग जमकर डीजे बजाते हैं और उसकी तेज धुन पर घंटों थिरकते रहते हैं।
वर्जन……..
मुझे जानकारी दी जाती तो कार्यवाई आवष्य की जाती। आगे से इस तरह की अवहेलना न हो इसका पूरा ध्यान रखा जायेगा।
ज्ञायनेन्द्र सिंह – एसडीएम बैकुन्ठपुर
एसडीएम से लेना होगा अनुमति
कलेक्टर कोरिया ने नगर पालिका चुनाव तक निर्वाचन प्रचार सभाओं, रैली के आयोजन, सभाओं में लाउडस्पीकरों के उपयोग, प्रचार वाहनों में लाउड स्पीकर के उपयोग, जुलूस के मार्ग निर्धारण, जुलूस निकालने की नियमानुसार अनुमति देने के लिए संबंधित एसडीएम बैकुण्ठपुर को सक्षम अधिकारी नियुक्त किया है।
नगर पालिका परिषद बैकुण्ठपुर एवं शिवपुर-चरचा अंतर्गत रैली एवं सभा हेतु आवेदन कार्यालय में प्राप्त किये जायेंगे। संबंधित सक्षम प्राधिकारी निर्धारित शर्तों के अध्यधीन अनुमति प्रदान करेंगे। जिसके अनुसार चुनाव प्रचार के लिए लाउडस्पीकर का उपयोग सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमति मिलने पर भी अधिकतम प्रातः 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक ही किया जा सकेगा।
आमसभा, प्रचार, जुलुस के लिए लाउडस्पीकर का उपयोग कर सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमति मिलने पर भी अधिकतम सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही किया जा सकेगा। संबंधित अभ्यर्थी द्वारा आदर्श आचरण संहिता का पालन किया जायेगा। आदर्श आचरण संहिता का उल्लंघन करने पर अनुमति निरस्त करते हुए सुसंगत प्रावधानों के अधीन दाण्डिक कार्यवाही की जायेगी।
साथ ही वाहन रैली सभा इत्यादि में होने वाले व्यय की जानकारी संबंधित निर्वाचन व्यय संपरीक्षक को प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। किसी भी प्रकार के व्यय की जानकारी छुपाया जाना निर्वाचन नियमों का उल्लंघन माना जायेगा। यह आदेश निर्वाचन समाप्ति तक प्रभावशील रहेगा।
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