कोहरा, नमी और ओस होने से गिरा पारा…….अगली सुबह तापमान में और नीचे जाने का अनुमान

Estimated read time 1 min read

Baikunthpur @ Tahkikat News

जिले में सप्ताहभर से से मौसम बदला हुआ है, इसके चलते लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। बेमौसम बारिश व कई दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने से ठंड बढ़ी हुई है। हर दिन अलसुबह हल्की बूंदाबांदी हो रही है। सोमवार अलसुबह से आसमान में घना कोहरा छाया रहा। मौसम खुलते ही एक बार फिर से ठंड बढ़ गई है। मौसम खुलने के बाद भी शहर में दिनभर कंपकपी ठंड का अहसास होता रहा। 17 व 18 जनवरी की सुबह 10 बजे तक कोहरा छंट गया। ऐसे में लोगों को आवाजाही करने में परेशानी हुई। कई वाहन चालक दिन के उजाले में भी लाइट जलाकर आते-जाते दिखे। अंचल में बारिश होने के बाद मौसम सर्द हो चला है। कोहरा भी छाया हुआ है। शीतलहर चलने से कंपकपाती ठंड का एहसास हो रहा है। तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। जो रात होते-होते ठंड बढ़ जाती है।
इन दिनों लोग दिन भर लोग गर्म कपड़ों के बीच देखे जा सकते हैं। ठंड से बचाव के लिए कुछ लोग अलाव के सामने डटे हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार ऐसा मौसम आने वाले दिनों तक बना रहेगा। चिकित्सकों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। वातावरण में नमी और ओस होने से ठंडकता कुछ ज्यादा ही बढ़ गई है। कंपकपी ठंड का अहसास सुबह से रात तक बना हुआ है। इससे लोग बेहाल हैं।
कोहरे के कारण लोगों ने काफी संभलकर वाहन चलाया, क्योंकि कोहरे के कारण 10 से 15 मीटर की दूरी पर कौन है, यह पता ही नहीं चल पा रहा था। उजाले में भी लोग अपने वाहनों की लाइट चालू कर आते- जाते दिखे। कोहरे का प्रभाव ज्यादा रहने से वाहनों के आवागमन में परेशानी होती है।

क्या है कोहरे का कारण

मौसम वैज्ञानिको की माने तो गर्म हवा की अपेक्षा ठंडी हवा अधिक नमी लेने में सक्षम होती है और वाष्पन के द्वारा यह नमी ग्रहण करती है। ये वह बादल होता है जो भूमि के निकट बनता है। यानि एक बादल का वह भाग जो भूमि के ऊपर हवा में ठहरा हुआ हो, कोहरा नहीं होता बल्कि बादल का वह भाग जो ऊपरी भूमि के संपर्क में आता है, कोहरा कहलाता है। मौसम साफ होने के कारण न्यूनतम तापमान में अचानक 5 डिग्री की गिरावट आई जोकि 2 दिन पहले 12 डिग्री पर था अब 7 डिग्री पर पहुॅच गया । अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस कम है। अधिकतम व न्यूनतम तापमान में गिरावट आने के साथ ही दिन में भी कडाके की ठंड़ पड़ने लगी है। जिससे लोग धडाधड बीमार हो रहे हैं।

बारिश से बर्बाद हुई फसल

जिले में पिछले दिनों हुई बारिश से रवि फसल को करीब 20 से 30 फीसद तक नुकसान पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। बेमौसम बरसात से कहीं गेहूं, कहीं तो चना की फसल पानी में डूब गई है। टमाटर सहित सब्जी की अन्य फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। किसानों ने बैंक से कर्ज लेकर फसल लगाई थी जो बर्बाद हो गई है। अब कर्ज कैसे चुकाएंगे इसे लेकर उनकी चिंता बढ़ गई है। वहीं सरकार द्वारा बारिश से फसलों को हुए नुकसान के सर्वे के संबंध में अब तक आदेश जारी नहीं किए गए है। सर्वे के लिए जिला प्रशासन भी आदेश का इंतजार कर रहा है। जिले में गत सप्ताह को बारिश हुई है। जिसमें गेंहू., चना, मसूर, सब्जी सहित अन्य फसल शामिल है। गत दिनो में हुई बारिश में भी गेहूं व चना बीज खराब होने के कागार पर पहुॅच गया है।

as

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours