भारतीय जनता पार्टी के वरिश्इ नेता व पूर्वमंत्री भैया लाल राजवाडे ने प्रदेश के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहु के दिए बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। गृह मंत्री के कहे अनुरूप उनकी चुनौती स्वीकार करते हुए भाजपा साक्ष्य के रूप में वीडियो जारी कर रही है अब अगर नैतिक साहस हो तो गृह मंत्री आरोपी टीआई को बर्खास्त कर दें। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री का काम प्रदेश में क़ानून व्यवस्था बहाल करना होता है। उन्हें यह भी सुनिश्चित करना होता है कि शिकायतों पर निष्पक्ष सुनवाई हो और पुलिस किसी तरह का पक्षपात नहीं करे। इसके उलट बिना किसी जांच, कारवाई और वकील-दलील के सीधे गृह मंत्री द्वारा आरोपियों को क्लीन चिट दे देना शर्मनाक है यह न्याय का गला घोंटने जैसा है।
श्री राजवाडे ने कहा कि पूर्व मंत्री राजेश मूणत के बयान की उनके द्वारा जारी वीडियो से पूरी तरह तस्दीक हो रही है। शासन चाहे तो थाने के सीसीटीवी कैमरे से (अगर उसे बंद नहीं किया गया हो तो) उसकी तस्दीक की जा सकती है। लेकिन, ऐसी कोई भी जांच किये बिना इस तरह की बयानबाजी खुद गृह मंत्री द्वारा ही दिया जाना दुर्भाग्यजनक है। इसकी निंदा की जानी चाहिए। सारे साक्ष्य सामने आ जाने के बाद बुरी तरह घिर चुकी कांग्रेस सरकार के मंत्री अब दबाव और भयादोहन की राजनीति कर रहे हैं। चोरी और उलटे सीनाजोरी करने की तर्ज़ पर मंत्री रूद्र गुरु भाजपा के पीड़ित नेताओं को ही धमका रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरे आम अपनी पुलिस द्वारा निर्दाेष आदिवासी मानुराम नुरेटी की ह्त्या कराने वाली, अजा कार्यकार्ताओं को पीटने वाली सरकार किस मुंह से एससी-एसटी एक्ट की बात कर रही, यह समझना महत्वपूर्ण होगा।
विपक्ष का गला घोंट कर लोकतंत्र का ह्त्या करने की कोशिश के अपराध के लिए कांग्रेस सरकार द्वारा क्षमायाचना करते हुए दोषियों पर तत्क्षण कारवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं किये जाने पर भाजपा सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन पर विवश होगी. असहमति की आवाज़ को दबाने की कांग्रेस सरकार की कोशिश के खिलाफ दिल्ली से लेकर दरभा तक भाजपा इस विषय को ले जायेगी। ऐसी घटिया और हिंसक राजनीति से बाज़ आने की चेतावनी कांग्रेस को दी है।
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