बैंकों से किसानों के पैसा निकालने पर कमीशन लेकर पैसे देने के संबंध में आ रही बातो पर प्रतिक्रिया देते हुए खंडगवा जिला सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक के पी मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया है कि इस तरीके की खबरें सरासर झूठी है जिसमें यह कहा जा रहा है कि बैंक के द्वारा चलाई जा रही है 50,000 रुपए देने के एवज में किसानों से ₹2000 तक राशि ली जा रही है। उन्होंने कहा कि इस तरीके का काम हमारे शाखा में नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा कि बैंक में भारी भीड़ होने के बाद किसानों को लाइन लगाना पड़ता है ।
इस दौरान जब पेमेंट की बारी आती है तो कभी बैंक में पैसा समाप्त हो जाने जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है । इस पर बहुत सारे किसान भड़क जाते हैं और इसी दौरान किसी किसानो के द्धारा कई तरह की बाते कही जाती हैं। पैसा लेने के एवज में किसानों से कमीशन मांगी जाती है तो फिर किसान मोके पर ही उस कर्मचारी के खिलाफ क्यो नही बोलते हैं। फिर किसान शाखा में आकर प्रबंधक को इस बारे में बताएं या लिखित आवेदन दे ताकि ऐसे कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा सके । जो किसानों से उनके हक का पैसा देने में कमीशन मांगता हूं ।
सिर्फ यह कह देना कि 50,000 देने के एवज में ₹2000 बैंक द्वारा मांगा जा रहा है इससे यह बात स्पष्ट नहीं होती है कि वह पैसा किसके द्वारा मांगा जा रहा है । निश्चित तौर पर ऐसे कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी । किंतु यदि किसी कारण से किसान को पैसा नहीं मिल पाया तो यह आरोप लगा देना कि पैसा देने के एवज में कमीशन मांगा जा रहा है यह सरासर गलत बात है। उन्होंने कहा कि हम मानते हैं कि बैंकों में अत्यधिक भीड़ होने के कारण सभी किसानों को पेमेंट समय पर नहीं हो पाता है बैंक में जितना पैसा मौजूद होता है पेमेंट उतने तक ही किया जाता है । उसके बाद पुनः पैसा आने के उपरांत राशि का वितरण किया जाता है इस दौरान बहुत सारे किसान लगातार अपनी नाराजगी व्यक्त करते हैं इसका तात्पर्य नहीं है कि किसानों से कमीशन मांगी जा रही है।
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