शहर में पड़ रही तेज गर्मी ने फ्रिज कूलरों की मांग बढ़ा दी है। ब्रांडेड कूलरों की मांग अपेक्षानुरूप लोकल कूलरों की मांग से कम है। लोग ब्रांडेड की बजाए लोकल कूलरों का उपयोग अधिक कर रहे हैं। जहां शहर में विभिन्न आकार के अनुसार ब्रांडेड कूलर छह हजार से 15 हजार कीमत पर मिल रहे हैं, वहीं लोकल कूलर आकार के अनुसार 15 सौ से 4 हजार रुपये तक सहजता से उपलब्ध हैं।
विगत दिनो से पड़ रही तेज गर्मी व उमस की वजह से लोग धड़ल्ले से फ्रिज व कूलर खरीद रहे हैं, जिससे शहर के इलेक्ट्रानिक्स सामान बेचने वालों की दुकानें खूब चल रही हैं। शहर में 2 दर्जन से ज्यादा इलेक्ट्रानिक्स दुकानों में ब्रांडेड कंपनियों के फ्रीज व कूलरों की बिक्री की जाती है, वहीं दर्जन भर लोकल कूलर निर्माता भी शहर में मौजूद हैं, जो अपने कम कीमत वालों कूलरों की बिक्री में लगे हैं।
शहर में लोकल कूलरों की बिक्री ब्रांडेड कूलरों से दुगुनी हो रही है, जहां ब्रांडेड कंपनियों के कूलरों की बिक्री 50 प्रतिशत है, वहीं लोकल कूलरों की मांग 80-90 प्रतिशत है। अन्य वर्षों की तुलना में इस वर्ष अधिक गर्मी का सामना लोगों को करना पड़ रहा है। स्थानीय कूलर विक्रेताओं के अनुसार अन्य वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष कूलरों की बिक्री 40 प्रतिशत बढी है, शहर व आसपास के क्षेत्रों में पहले तेज गर्मी पड़ने पर अक्सर बारिश हो जाया करती थी, जिससे मौसम में ठंडक बनी रहती थी, लेकिन इस वर्ष ऐसी स्थिति नहीं है। बड़े शहरों की तरह अब यहां भी लोगों को कूलर ही सुकून दे रहा हैं।
लोकल कूलर की डिमांड ज्यदा
शहर के एक लोकल कूलर निर्माता ने बताया कि शहर में बढ़े तापमान को देखते हुए वे कुशल कारीगरों से रोजाना 20 से 25 कूलर तैयार करवा रहे हैं, तैयार कूलरों में अधिकतर बिक ही जाते हैं। क्षेत्र के ग्रामीण कम कीमत वाले कूलर ही लेना अधिक पसंद करते हैं। चूंकि उनकी आय अधिक नहीं है, इसलिए लोकल कूलर से ही वे अपनी व अपने परिवार को इस तेज गर्मी से भरे दिनों से निजात दिला रहे हैं। वहीं ब्रांडेड कूलरों के विक्रेताओं ने जानकारी दी कि वे रोजाना 4 से 6 कूलरों की बिक्री कर रहे हैं।
गर्मी ने रौद्र रूप शुरू किया दिखाना
मार्च के बाद अप्रैल में में जिस प्रकार से सूर्य अपना रौद्र रूप दिखाय है उसे देखते हुए मई में हालत क्या होगा यह अनुमान लगाया जा सकता है। इस समय शहर का अधिकतम तापमान पारा 43-44 के बीच बताया जा रहा है। इससे तेज धूप होने के साथ-साथ गर्मी व उमस ने लोगों की बेचौनी बढ़ा दी है। तेज धूप से बचने घरों व दफ्तरों में पंखा, कूलर व एससी चलना शुरू हो गया है। वहीं कपड़ा दुकानों में गमछा व स्कार्फ की मांग शुरू हो गई है। हालात तो इस कदर हो गये हैं कि सुबह से ही आसमान आग उगलने लग रहा है। जो असहनीय हो चुका है । लगातार तापमान बढ़ने से वातावरण में तेज धूप, गर्मी और भारी उमस पड़ने लगा है, इससे लोगों की बेचौनी बढ़ गई है।
गमछा व स्कार्फ की मांग बढी
तेज धूप व गर्मी से बचने के लिए लोग अब गमछा व स्कार्फ का उपयोग शुरू कर दिया है। राहगीर, बाइक चालक व महिलाएं व लोग गर्मी से बचने सिर पर गमछा ढककर चल रहे हैं। वहीं युवतियां व महिलाएं हाथ व सिर पर स्कार्फ पहनकर घरों से बाहर निकल रही है, ऐसे में कपड़ा दुकानों में गमछा व स्कार्फ की मांग बढ़ने लगी है। बाजार में 50 से 80 रुपये तक गमछा बिक रहा है। वहीं 100 से 150 रुपये तक अच्छी क्वालिटी की गमछा है। गर्मी बढ़ने के साथ बाजार में जगह-जगह संचालित गन्ना रस की मांग बढ़ गई है।
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