महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का मुख्य उद्देश्य मजदूर परिवारों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराना है। कोरिया जिले में योजना अंतर्गत पंजीकृत 1 लाख 20 हजार 007 जॉब कार्ड धारी परिवार है। मांग आधारित ग्रामीण मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने की मूल भावना के विपरीत जनपद में प्रशासनिक दबाव के चलते फर्जी मस्टररोल निकाले जाने की लगातार खबरें आ रही है। जिले में प्रशासनिक दबाव से जनपद स्तर से मस्टर रोल जारी तो किए जा रहे हैं किंतु कार्यस्थल पर मजदूर कार्यरत नहीं है। ग्राम पंचायत में शासन को गुमराह करते हुए मस्टर रोल जारी किया गया है। जबकि वास्तविकता में जो मस्टर रोल फिल किया गया है उस मस्टर रोल में कोई लेबर कार्य नही किए है। गत 4 अप्रैल से मनरेगाकर्मी हड़ताल पर हैं, बहरहाल हड़ताल का नतीजा जो भी हो पर विगत एक माह में मनरेगा मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने की बजाए अधिकारी योजना की मूलभावना के विपरीत कार्य करवा रहे है। मजदूरों के खाते में जो बड़ी राशि रोजगार के एवज में जानी थी वह नहीं जा पाई। इन सभी कारणों से मजदूर पलायन को मजबूर है।
कहानी आंकड़ों की जुबानी
ऑनलाइन रिपोर्ट को गौर करे तो जिला कोरिया में विगत वित्तीय वर्षाे में इस सीजन में प्रति दिवस लगभग 50 हजार से ऊपर मजदूर मनरेगा अंतर्गत कार्य करते है। उल्लेखनीय है कि पिछले वित्तीय वर्ष 2021-22 में अप्रैल माह मे 51000 परिवारों को रोजगार मुहैया कराया गया था वहीं हड़ताल के चलते इस वित्तीय वर्ष 2022-23 के अप्रैल माह में मात्र 16 सौ 66 परिवारों को ही रोजगार उपलब्ध कराया गया है, जो कि विगत वर्ष की तुलना में 01 प्रतिशत से कम है। कोरिया जिले में वित्तीय वर्ष 2021-22 में मार्च माह में 69 लाख 45 हजार 713 मानव दिवस सृजित किए गए थे जबकि इस वित्तीय वर्ष 2022-23 में अब तक सिर्फ 13 हजार 792 मानव दिवस ही सृजित हुए हैं जो कि विगत वर्ष की तुलना में मात्र 1 प्रतिशत है। इस वर्ष अप्रैल माह में जिले के 249 ग्राम में शून्य मानव दिवस सृजित हुआ है अर्थात जिले के 69 प्रतिशत ग्राम पंचायतों में कार्य नहीं किया जा रहा है। विदित हो कि छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ के तत्वाधान में प्रदेश भर के मनरेगा योजना अंतर्गत कार्यरत अधिकारी, कर्मचारी एवं रोजगार सहायक 4 अप्रैल से निरंतर हड़ताल पर है । गत 29 अप्रैल को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी से डेलिगेशन टीम ने मुलाकात के बाद 6 मई को पंचायत एवम ग्रामीण विकास विभाग सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर दिया गया है। छत्तीसगढ मनरेगा कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष आरिफ रजा का कहना है कि इससे पहले भी संविदा कर्मचारियों की मांगों को लेकर समिति का गठन किया गया है किंतु उनका भी प्रतिवेदन नहीं आया है, जब तक शासन स्तर से कोई समाधान कारक रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
as

+ There are no comments
Add yours