आजादी के अमृत महोत्सव के तहत कोरिया जिले में 78़ अमृत सरोवर बनाए जाएंगे। इसके तहत हजारों मनरेगा के मजदूरों को काम मिलेगा। खासकर गांव के तालाबों में सौदरीकरण से यहां पशुओं को स्वच्छ जल और लोगों के लिए निस्तारी जल मिलेगा। इससे आसपास के इलाके के जल संग्रहण के कारण जल स्तर भी बढ़ेगा। साथ ही वनांचलों में इस पानी को सिंचाई के कार्य में भी प्रयोग में लाया जा सकेगा ।
छत्तीसगढ़ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की कार्ययोजना के तहत कोरिया जिला पंचायत के कार्यपालन अधिकारी और जिला कलेक्टर इनकी मानिटरिंग कर रहे हैं। कोरिया के जिला पंचायत के कार्यपालन अधिकारी कुनाल दुदावत के मुताबिक कोरिया में 78 अमृत सरोवर बनाने के लिए जगह का चयन कर काय्र आरम्भ कर दिया गया है। विदित हो कि इसमें पहले से मौजूद तालाबों के सौदरीकरण से लेकर नए तालाबों के निर्माण तक के काम शामिल हैं।
5 से 50 लाख हो सकती है लागत
एक अनुमान के मुताबिक अकेले सौदरीकरण किया गया तो एक तालाब विकसित करने में पांच से छह लाख रुपये खर्च होंगे। इस तरह से यह खर्च यदि नए सिरे से तालाब बनवाया गया तो क्षेत्र के हिसाब से 50 लाख रुपये तक बढ़ भी सकता है। इन तालाबों को विकसित करने के लिए पंचायत की स्थानीय निधि और खनिज निधि का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा मनरेगा योजना के तहत मजदूरों से सीधे काम लेंगे। एक साल के भीतर तालाबों के सुंदरीकरण के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। अमृत सरोवर बनाने का जिम्मा ग्रामीण विकास विभाग के साथ मनरेगा, जल संसाधन और वन विभाग को सौंपा गया है।
प्रधानमंत्री की मुहिम से होगा लाभ – राजवाडे
भाजपा नेता व प्रदेष के पूर्व मंत्री भैया लाल राजवाडे का कहना है कि आजादी के अमृत महोत्सव पर अमृत सरोवर बनेगा तो यह यादगार रहेगा। इन सरोवरों में जल का संग्रहण होगा तो आने वाले सालों में जलसंकट की परेशानी से निजात मिल सकती है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आजादी के अमृत महोत्सव पर देशभर के हर जिले में 75 नए सरोवर बनाने का आह्वान किया था। उन्होंने मन की बात कार्यक्रम में भाजपा ने भी तय किया कि अमृत सरोवर मुहिम की शुरुआत की जाएगी। पानी को सहेजने की दिशा में हर संभव प्रयास किए जाएंगे। वही पर जिले में 78 नये सरोवर बनाये जा रहे हे जो उम्मीद से अधिक है।
गिरते भूजल स्तर पर लगेगी रोक
केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना अमृत सरोवर के लिए जिला पंचायत कोरिया ने जिले की 78 तालाबों का चयन किया है। योजना के तहत नए तालाबों का निर्माण कराया जाएगा और पुराने तालाबों का जीर्णाेद्धार भी किया जाना है। सरकार ने इसके लिए अलग फंड की व्यवस्था नहीं की है। मनरेगा, डीएमएफ और 15 वें वित्त आयोग की राशि यह काम कराया जाएगा। केंद्र सरकार की अमृत सरोवर योजना को मूर्त रूप देने जिले में सरोवर योजना के तहत नए तालाब बनाए जाएंगे और कुछ पुराने तालाबों का जीर्णाेद्धार किया जाएगा। सरोवर योजना के माध्यम से भूजल स्तर की स्थिति में सुधार लाना है। पिछले कुछ वर्षों से गर्मी के दिनों में भूजल स्तर में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। भूजल में गिरावट आने की वजह से ग्रामीण अंचलों में गर्मी के दिनों में पेयजल निस्तारी को लेकर संकट की स्थिति भी बनी रहती है। अमृत सरोवर में नए तालाबों का निर्माण होने और पुराने तालाबों का जीर्णाेद्धार किए जाने से निस्तारी पानी के संकट से उबरने में भी मदद मिलेगी।
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