Baikunthpur @ Tahkikat News
होता है जिस का हृदय, दया-प्रेम का धाम, उस को देते हैं किशन, गौशाला का काम। गौ-पालन लाभार्थ है तो गौ-सेवा परमार्थ माना जाता है। गौरक्षा वाहिनी के जिलाध्यक्ष अनुराग दुबे (अन्नू) ने अपने गो सेवा के लिए विख्यात हैं। जनून एैसा कि न दिन देखते हैं न रात। अब अनुराग के द्वारा एक अभिनव पहल करते हुए कोरिया सहित एमसीबी जिले के नेशनल हाइवे सहित अन्य प्रमुख चौक चौराहों पर घूमने वाले लगभग 350 गौवंशों को रेडियम पट्टी बांधी। आपको बता दे कि गौ रक्षा वाहिनी के द्वारा पिछले 7-8 सालों से लगातार कोरिया जिले में गौवंशों की सड़को पर सुरक्षा की दृष्टिकोण से उनकी जानमाल की रक्षा के लिए विशेष अभियान चला कर समय – समय पर गौवंशों के गले मे चमकदार रेडियम पट्टी लगा रहा है।
गौरतलब हो कि यह रेडियम बैल्ट (पट्टी) सड़क पर घूमने वाले पशुओं को रात के अंधेरे में दुर्घटना का शिकार होने से बचाने के लिए लगाया जाता हैं। जिसे सामने की ओर से आने वाले वाहन चालक आसानी से देख सके और अपनी सहित गौवंश की भी रक्षा ही सकें। गौवंस में रेडियम बैल्ट (पट्टी) लगने की वजह से लगातार दुर्घटनाओं में कमी भी देखी जा रही हैं। गौ रक्षा वाहिनी के जिलाध्यक्ष अनुराग दुबे (अन्नू) ने बताया कि उनका यह अभियान लगातार आगे की सालों में भी चलता रहेगा। उनके इस कार्य मे उनके साथियों का भी भरपूर सहयोग मिलता हैं।
श्री दुबे ने बताया कि उनके द्वारा अब तक पिछले कई सालों में लगभग 3000 से ज्यादा गौवंसों को रेडियम बैल्ट (पट्टी) लगाई गई। जिसके फलस्वरूप सैकड़ों गौवंसों की जान भी बचाई जा सकी हैं। यह भी बताते चले कि अनुराग दुबे द्वारा गौवंश के लिए रोटी बैंक चलाया है। जिसमें शहरों से रोजाना सुबह और शाम लोगों के घरों से रोटी का कलेक्शन ई-बैटरी रिक्शा के माध्यम से पहुचती हैं। जिसे गौवंसो को वो रौजाना वितरण करते हैं। साथ ही इनकी पशु प्रेमिता तब देखते बनती हैं जब यह आवारा कुत्तों के लिए बिस्किट का भी रौजाना वितरण करते हैं। इनके घर मे आवारा गौवंस की देखभाल भी की जाती हैं जिसे यह अपने की खर्चे पर वहन करते हैं।
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