BAIKUNTHPUR @ Tahkikat News……… Develop BY ASHOK SINGH
छत्तीसगढ़ पावर लिफ्टिंग एसोसिएशन द्वारा राज्यस्तरीय पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता जिसका आयोजन भिलाई छत्तीसगढ़ में गत 5 एवं 6 नवंबर को हुआ । इस प्रतियोगिता के 85 किलो वजन श्रेणी में रोनित सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त कर 2 गोल्ड मेडल जीत कर कोरिया जिले का नाम रौशन किया। रोनित बता दिया कि कोरिया में सुविधा हो न हो किन्तु यहा के छोरे के बहुबल में कितना निवासी रोनित सिंह के इस प्रर्दशन से जिले में खुशी की लहर है और उनके आयु वर्ग के खिलाडियो में नया उत्साह आया है कि वो भी आगे बढकर बहुत कुछ हांसिल कर सकते हैं। यही कारण है आज का युवा वर्ग एक ओर जहॉ मोबाईल गेम सहित गैर मैदानी गतिविधियो में व्यस्त है वही पर बैकुन्ठपुरिया इस लडके को युवा वर्ग का रोल मॉडल माना जाता है।
पहले भी रोनित दिखा चुके हैं अपना दमखम
इससे पूर्व भी इसी वर्ष रोनित ने तीसरी राज्यस्तरीय स्टेट वर्ड पावरलिफ्टिंग चौंपियनशीप, जोकि 9 व 10 जुलाई तक रायपुर के गुड़ियारी में आयोजित किया गया था उसमे रोनित सिंह ने इस प्रतिस्पर्धा में जूनियर वर्ग में 85 किलो ग्राम वजन समूह में कांस्य पदक प्राप्त किया था । संभाग स्तरीय इंडियन पावरलिफ्टिंग फेडरेशन के द्वारा गत 3 जुलाई को मनेंद्रगढ़ में आयोजित डिस्टिक लेवल पावरलिफ्टिंग जूनियर कैटोगेरी में 83 किलो ग्राम वर्ग में खेल के स्वर्ण पदक प्राप्त किया था।
देश का प्रतिनिधत्व करना चहता है रोनित
रोनित की माने तो वो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व क ापदक जीतना चाहता है । इसके लिए वो अभी से पूरी मेहनत कर रहा है। और उसके परिजनो ने भी किक्रेट के जूनूनी देष में पावरलिफ्टिंग को अपना कैरियर बनाने वाले रोनित का पूरा साथ दिया है और आगे भी दे रहे हैं। रोनित सिंह ने बताया कि प्रत्येक पावर वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में कई पदक प्राप्त कर चुका है, उसके पास कई स्वर्ण पदक हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रतियोगिता में उन्हे सिल्वर मैडल ही प्राप्त हुआ है, लेकिन मैं आगे और कड़ी मेहनत करता रहूॅगा ।
माता-पिता को रोनित पर है नाज
उन्होंने यह भी कहा कि आज लडके और लड़कियां किसी भी क्षेत्र में कम नहीं हैं जरुरत अपने हुनर की पहचान करके व कड़ी मेहनत से हर क्षेत्र में सफलता हासिल करनी चाहिए। वहीं रोनित ने अपनी इस जीत का श्रेय अपने माता पिता व कोच गुरु धमेन्द्र दास को दिया है। उन्होंने बताया कि मेरा आगे का फोकस राष्टीय स्तर की प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल पाना है। जिससे प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश का नाम रोशन हो सकें। गौरतलब हो कि रोनित के पिता राकेष सिंह स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं जबकि माता सुजाता सिंह एक हाउस वाईफ हैं। उनके पिता व प्रथम गुरु का कहना है कि उन्हे अपने पुत्र पर नाज है किन्तु वो रोहित को वाहवाहियो के इस माहौल से दूर ही रखेगंे ताकि उसका फोकस कायम रहे।
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