BAIKUNTHPUR @ Tahkikat News ### ASHOK SINGH
राज्य में तंबाकू उपयोग विशेषकर गैर धूम्रपान या चबाने वाला तंबाकू के उपयोग से होने वाली हानि के प्रति लोगों में जन चेतना जागृत करने और गैर घूम्रपान या चबाने वाले तंबाकू का उपयोग नहीं करने के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रदेश में 17 मार्च को ‘तंबाकू उत्पाद निषेध अभियान दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। संचालक स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा इस संबंध में प्रदेश के समस्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को 17 मार्च को विशेष दिवस मनाकर तंबाकू उत्पादों के प्रति जन-जागरूता लाने के लिए निर्देशित किया है।
कलेक्टर कोरिया विनय कुमार लंगेह ने इसके संबंध में बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश स्वास्थ्य एवं संबंधित विभागों को दिये। शासन के निर्देशानुसार राज्य में तंबाकू उपयोग विशेषकर गैर धूम्रपान या चबाने वाला तंबाकू के अत्याधिक उपयोग से होने वाली स्वास्थ्य गत हानि के प्रति लोगों में जागरूकता लाना अति आवश्यक है। साथ ही तंबाकू उत्पादों के उपयोग को नियंत्रित करने के लिए बनाए गए कानूनों का क्रियान्वयन भी बेहतर ढंग से किए जाने को आवश्यक बताते हुए 17 मार्च को विविध कार्यक्रमों के माध्यम से उपरोक्त दिवस को मनाने निर्देशित किया गया है एवं आय़ोजित गतिविधियों की रिपोर्ट राज्य द्वारा तैयार शीट में प्रेषित करने कहा गया है।
कोरिया और एमसीबी जिले के डीपीएम डॉ प्रिंस जायसवाल ने बताया कि 17 मार्च को विशेष दिवस मनाकर तंबाकू उत्पादों के प्रति जन-जागरूता लाने के लिए निर्देशित किया है। उन्होनेे कहा है कि “वैश्विक वयस्क तंबाकू सर्वेक्षण 2016-17 के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य में 15 वर्ष से अघिक उम्र के 39.1 प्रतिशत लोग किसी न किसी रूप में तंबाकू उत्पाद का उपयोग करते है। इनमें से 36 प्रतिशत लोग चबाने वाले उत्पादों का उपयोग करते हैं। साथ ही सर्वेक्षण में राज्य के 8 प्रतिशत 13 से 15 वर्ष के स्कूली बच्चों द्वारा तंबाकू का उपयोग किया जाना भी उल्लेखित है। यानि तंबाकू प्रारंभ करने की औसतन आयु 7.3 वर्ष है।
इससे स्पष्ट होता है कि तंबाकू उपयोग विशेषकर गैर धूम्रपान या चबाने वाला तंबाकू अत्याधिक उपयोग किया जाता है, जोकि चिंतनीय है। इसके प्रति लोगों में जागरूकता लाना अति आवश्यक है। साथ ही उन्होंने तंबाकू उप्तादों के उपयोग को नियंत्रित करने के लिए बनाए गए कानूनों का क्रियान्वयन भी बेहतर ढंग से किए जाने को आवश्यक बताते हुए 17 मार्च को विविध कार्यक्रमों के माध्यम से उपरोक्त दिवस को मनाने को कहा है। समस्त जिलों को भी आय़ोजित गतिविधियों को राज्य द्वारा तैयार शीट में 20 मार्च तक प्रेषित करने को कहा है।
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