जरा संभलकर चलिए, शहर के अंधे मोडो और जानलेवा गड्ढे से………

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कोरिया जिले के मुख्यालय की सबसे बडी समस्या जिसने मुंगेरीलाल के हसिन सपनो जैंसे कटाक्ष को आज तक जनमानस के मस्तिष्क में जीवंत बना रखा है। अब इस पर जिम्मेदारो की अनदेखी और पूर्व सहित तर्वमान शासन के सिपाहियो के भी ध्यान नही से समस्या जस की तस बरकरार है। एैसा नही है कि इसके लिए श्हर के लोगो ने प्रयास नही किया पर है समस्या दूर करने मुख्यालय के लोगो के द्धारा विगत महिनो में कई तरह के अभियान भी चालाया गया । जिसमें हस्ताक्षर अभियान चलाकर युवाओ ने कलेक्टर से हस्तक्षेप कर इसके निदान के लिए सडक चौडीकरण की मांग का आंदोलन किया। किन्तु इसके बाद प्रशासन के द्धारा लोगो की उत्सुकता को पुल्कित करते हुए प्रशासन की 2 टिमे बनाकर उनके हाथो में मापक यंत्र थमा दिया। टिम के द्धारा 10वी बार मापजोख कर रुपरेखा बनाकर कलेक्टर को एक बार फिर सौप दिया । इसके बाद जिम्मेदारो के द्धारा आधा साल बीत जाने के बाद भी लोगो को खोखले आस्वाशन ही दे रही हैं। जिसके अनुसार सडक चौडीकरण पर आने वाले लम्बे-चौडे बजट तो कभी सडक कैसी होगी उसकी खाली तस्वीर बता कर लॉलीपॉप दिखा उसकी मिठास बताई जा रहा है।
किसी भी शहर का बस स्टैंण्ड सबसे व्यस्तम स्थानो में से एक होता ही है। बैकुन्ठपुर के न्यू प्रतिज्ञा की बस स्टैन्ड के गेट नम्बर 01 के ठीक सामने सडक टूट कर जर्जर हो चली है और दिन प्रतिदिन गढडो की गहराई बढती जा रही है। यही कारण है कि राहगीरों को स्टैन्ड में आने जाने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यही नही बसो समेत अन्य वाहनो के आने जाने पर यहा का यही हालत है। जो किसी भी दिन बडे हादसो की प्रतिज्ञा कर रहा है । इस समय हालत तो यह हो जाती है कि बसे जब इस गढडे से गुजरती है तो अनहोनी से पूर्व का नजरा बनाता है।

दोनों गेटों के बाहर स्पीड ब्रेकर की मांग

लगातार है देखने में आ रहा है कि कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के नए बस स्टैंड के दोनों गेटों के सामने स्पीड ब्रेकर ना होने के कारण बस आदि वाहन बेहद तेज रफ्तार में गेट पर एंट्री करती है । दूसरी ओर 90 डिग्री का मोड होने के कारण यह बिल्कुल अंधत्व की स्थिति पैदा कर रहा है जो बेहद ही जानलेवा और घातक बना हुआ है।

बस स्टैंड के सामने से टैक्सी स्टैंड

शहर के प्रतीक्षा बस स्टैंड के सामने अवैध रूप से अतिक्रमणकारियों ने शहर के मुख्य सडक के दोनों ओर कब्जा कर रखा है। वहीं पर स्टैंड के अंदर में भी राजनीतिक संरक्षण के कारण अतिक्रमण का बोलबाला देखा जा सकता है। अवैध कब्जा कर अस्थाई तौर पर चलाई जा रही दुकानें के सामने मोटरसाइकिलो का रेला हो या बस स्टैंड के गेट नंबर 1 और 2 के बीचो-बीच सामने के हिस्से में टैक्सीयो का डेरा हो इसने समस्या को और बडा रखा है। चालकों के द्वारा दर्जनों की संख्या में फोर व्हीलर खड़ा करके बसस्टैंड अस्तित्व पर ही सवाल खडा कर दिया।

फैव्वारा चौक सबसे खतरनाक

किसी भी शहर का सबसे महत्वपूर्ण स्थान माने जाने वाले थाना और जिला अस्पताल सहित जिला जेल, पोस्ट ऑफिस, जनपद कार्यालय एवं सबसे महत्वपूर्ण प्रेमाबाग मंदिर की ओर आने जाने वाले हजारों लोगों को प्रतिदिन इसी मार्ग का उपयोग करना पड़ता है। इस चौक पर कुछ लोगों द्वारा प्रशासन के पूर्व आदेशों को दरकिनार करते हुए अस्थाई तौर पर मिनी ऑटो स्टैंड बना रखा ह बकि पोस्ट आफिस के सामने में पुलिस प्रशासन ने इन ऑटो वालो के लिए स्थान तय कर दिया था। एक बार फिर ये सभी सरकते हुए चौक को अपने कब्जे में लेते जा रहे हैं।

पिकआवर पर गुजरान हुआ दूभर

जिला कृषि ऑफिस के सामने कई दुकानदारों के द्वारा शाम और सवेरे पिक आवर सुबह 9 से 11 और शाम 5 से 8 बजे इन अवैध तौर पर कब्जा कर दुकानो का संचालन करने वालो के द्धारा अपनी दुकानों के सामने चार पहिया वाहनों को खडाकर फैव्वारा चौक से गुजरने वाले लोगों के सामने अन्धे मोड ने दोहरी समस्या पैदा कर दिया है। वही पर इन जगहो पर आए दिन होने वाले छिटपुट हादसे अब आम बात हो गया है ।

पुलिस प्रशासन का निर्देश किया दरकिनार

जिला प्रशासन ने इन जगहो पर यातायात व्यवस्था को सुचारु रुप से सचालन करने व राहगीरो की जान आफत से बचाने के लिए व्यवस्था बनाया था। किन्तु एक बार फिर इन लोगो के द्धारा पुलिस प्रशासन के द्धारा पूर्व में बनाई गई व्यवस्था को धता बता दिया है। जरुरत है कि एक पुलिस प्रशासन एक बार फिर से शक्ति दिखाते हुए शहर की बिगडी यातायात व्यवस्था को बदतर से बेहतर बनाये।

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