मनेन्द्रगढ विधायक बोले कार्यकर्ता नही मिलें तो गर्मी में नाबलिको को लेकर गये गोठान…….खुल गई पोल ?

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गौठान को लेकर बीजेपी पोल खोल अभियान चला रही है। इस अभियान के तहत बीजेपी के नेता प्रदेश के गौठानों का दौरा करके व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। जिस पर कटाक्ष करते हुए मनेन्द्रगढ विधायक विनय जायसवाल ने पूर्व विधायक श्याम बिहारी जायसवाल पर कहा कि भाजपा को अब कार्यकर्ता तक नही मिल रहे है इसलिए गोठानो की पोल खोलने नाबालिक बच्चो को नवतपे में खडगवा के पैनारी लेकर जाना पड रहा है। बेहतर होता की नेता जी अपनी इस सियासत से इन्हे दूर रखते ।

किन्तु यही है इनकी सच्चाई। जनता इनकी हकिकत से वाकिफ है यही कारण है कि कुछ भाजपा के नेताओ को गौशाला और गोठान में अंतर समझ में नहीं आ रहा है और इन लोग को अब अचानक प्रदेश भर में जगह भ्रष्टाचार दिख रहा है। आगामी चुनाव में इन्हे अब कोई मुददा और लोगो का जन समर्थन नही दिख रहा है तो ये सब करने को मजबूर हैं।

गौरतलब हो कि इन दिनो छत्तीसगढ़ में बीजेपी हर दिन गोठानों का दौरा करके गोठान की पोल खोलने में लगे है। बीजेपी नेता प्रतिदिन एक गोठान का निरीक्षण करके वहां की खामियों को गिना रहे हैं। गोठान में अनियमितता को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साध रहे हैं।

इस मामले में मनेन्द्रगढ विधायक श्री जायसवाल ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि इन्ही छत्तीसगढ भाजपा के नेताओ को गौशाला और गोठान में अंतर समझ में नहीं आ रहा है। बड़ी गाड़ियों में घूमने वाले, गाय और गरवा के बारे में क्या समझेंगे। जब विधानसभा चुनाव नजदीक आ गया है, तब गोठान का दौरा कर रहे हैं, उससे पहले क्यों नहीं गए?

उन्होने कहा कि भाजपा वाले गोठान जा रहे हैं, तो ये बहुत अच्छी बात है, उन्हे वहा जाकर अपने विचारो में शुद्धि लाकर अच्छे सुझाव भी देना चाहिए। जिस पर हमारी सरकार अमल करती। कुछ कमी है तो उसे सुधारा जा सकें। उन्होंने कहा कि केवल एक दिन गोढ़ी के गोठान जाकर बता दिया कि 13 करोड़ का घोटाला हो गया। अपनी बनी बनाई स्क्रिप्ट पर प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कर लिया। रतनजोत के बारे में कुछ बात कर लेते। हमारी सरकार गॉव, गरिब और किसानो की सरकार है भाजपा के आलिशानो की नही।

उन्होने कहा कि हाल ही में मध्य प्रदेश गौ-सेवा आयोग के अध्यक्ष प्रदेश दौरे पर आए थे, वो तारीफ करके गए हैं। इतना ही नहीं केंद्रीय मंत्री और सांसदों की टीम भी तारीफ करके जा चुकी है। गुजरात की टीम भी आई थी। कई विधानसभा की टीम आई थी, जो अध्ययन करके चली गई पर छत्तीसगढ भाजपा वालों को हर जगह भ्रष्टाचार ही नजर आ रहा है। इसलिए मै कहता हॅू इनके चश्में में ही खोट है ।

भाजपा आदिवासियों का अपमान करती है। यह जग जाहिर है। विश्व आदिवासी दिवस के दिन इन्होंने छत्तीसगढ़ भाजपा के आदिवासी प्रदेश अध्यक्ष को हटाया था, फिर भाजपा के सर्वाेच्च आदिवासी नेता नंद कुमार साय का अपमान किया।उन्होंने कहा कि कमीशन डिनर यह पिछली सरकार करती थी। दो सरकारों का अंतर देखिए- भरोसे की कांग्रेस सरकार- हमारी सरकार सभी के खाते में सीधा पैसा डाल रही है, तो कमीशनखोर भाजपा सरकार- चप्पल, टिफ़िन, मोबाइल बांटती थी और सबमें कमीशन खाती थी।

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