हक की लडाई …… 01 जून से सहकारी समितियो में तालेबंदी ….. प्रदेश अध्यक्ष ने समितिकर्मियो से किया अपील

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अब तक मात्र 30 फिसद किसानो में खाद-बीज का वितरण

प्रदेश भर के सहकारी समितियो के कर्मचारियो के तमाम सांकेतिक विरोधो और चेतावनियो के बाद भी सरकार के टस से मस नही होने के कारण अतंतः 01 जून गुरुवार से सभी समितियों कोई कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं। सहकारी समितियो के समस्त कर्मिचारियो के हडताल में जाने के कारण आगामी खरीफ सीजन में खेती किसानी के कार्य प्रभावित होना तय माना जा रहा है।


एक अनुमान के अनुसार अब तक सहकारी समितियो के द्धारा मात्र 30 फिसद किसानो के द्धारा ही खाद-बीज का उठाव किया है। यदी हालत को समय रहते नही सम्हाला गया तो कृषि कार्य करने में किसानो को खासी परेशानी का सामना करना पडेगा। इससे पूर्व सभी समितियो के प्रंबधको समेत सभी कर्मचारियो के द्धारा अपने उच्च अधिकारियो को पहले ही सूचित कर दिया है। साथ ही सहकारी समितियो के अध्यक्षो को भी पत्र लिख सूचित कर दिया गया है।

किसानो की तकलिफो का है हमें अहसास

छत्तीसगढ़ प्रदेश सहकारी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रभाकर सिंह ने बताया कि प्रदेश की 2058 सहकारी समितियों में कार्यरत लगभग 13 हजार कर्मचारियों की मांगे वर्षों से लंबित पड़ी हुई है । बार-बार चेतावनी देने के बाद भी जब शासन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की तो मजबूरन हमें इसके लिए विवश होना पड़ा । हमें किसान भाईयो को होने वाली तकलिफो के लिए खेद है किन्तु लगातार सरकार की अनदेखी कर सरकार ने समिति कर्मियो के समक्ष कोई अन्य मार्ग नही छोडा है।

लगातार कर रहे हैं मांग

छत्तीसगढ़ प्रदेश सहकारी कर्मचारी संघ के द्वारा गत 9 मई को रायपुर में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन के पश्चात प्रदेश सरकार के द्धारा कोई कार्यवाई नही किये जाने से नाराज सहकारी समितियो के कर्मचारीयो ने 22 से 27 मई तक काली पटटी लगाकर काम काज किया । इसके बाद भी यदि मांगे नही मानी गई तो अंततः 01 जून से प्रदेश की सभी समितियो को हडताल पर जाने को विवश है।

ये हैं 3 सूत्रिय मांग

मांगों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के 2058 सहकारी समितियों में कार्यरत कर्मचारियों को नियमितीकरण किया जाए । सरकारी कर्मचारी की भांति नियमित वेतनमान दिया जाए । सीधी भर्ती पर रोक लगाई जाए। प्रदेश के 2058 सहकारी समितियों में कार्यरत कर्मचारियों के रिक्त पदों पर समिति के समस्त कर्मचारियों को संविलियन के माध्यम से किया जाए । प्रदेश के जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में सीधी भर्ती पर रोक लगाई जाये ।

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