भारत सरकार के लगातार प्रयास से समाज में अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ पहुंचाने की कावायद शुरु कर दी है। भारत विविधताओं का देश है। विविधता में एकता ही हमारी पहचान है। केन्द्र की मोदी सरकार ने इन्हीं विविधताओं को संजोने के लिए एक भारत श्रेष्ठ भारत का मंत्र दिया है। इसी कार्यक्रम के तहत गत दिवस मध्य प्रदेश के शहडोल में सिकल सेल हेल्थ कार्ड जारी किया गया इस दौरान कोरिया जिले में भी इस वर्ग के लोगो में कोरिया कलेक्टोरेट में हितगा्रहियो में कार्ड बांटे गये। इस सबंध में जानकारी देते हुए जिले के डीपीएम डॉ. प्रिंस जायसवाल ने बताया कि जिले में 0 से 40 वर्ष तक के लोगो को यह कार्ड सभी की माईक्रो जाच के उपरान्त जारी किया जाना है। इसके लिए आगामी दिनो के शासन के दिशा निर्देशो का पालन करते हुए इसे अभियान के रुप के चलाया जायेगा। उन्होने बताया कि सिकल सेल एक आनुवांशिक बीमारी है। यह बीमारी सामान्यतः आदिवासी जनजातियों में पाई जाती है।
विदित हो कि केन्द्र ने सिकल सेल की इस चुनौती को खत्म करने के लिए वित्त वर्ष 2023-24 के केंद्रीय बजट में राष्ट्रीय अभियान ‘सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन अभियान 2047’ शुरू करने की घोषणा की है। सिकल सेल बीमारी दो तरह से इंसान के शरीर में रहती है। पहली- सिकल सेल लक्षित, जिसमें मरीज को कोई बीमारी या लक्षण नहीं दिखते हैं और इंसान नॉर्मल जिंदगी जीता है। दूसरी, जिसमें सिकल सेल बीमारी के लक्षण पाए जाते हैं।
गौरतलब हो कि सिकल सेल एनिमिया रोग को खत्म करने के लिए दो स्तर पर काम हो रहा है। पहला- इस रोग की रोकथाम, ताकि आगे नए मरीज पैदा न हों। दूसरा- मरीजों को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें। अगर दो सिकल सेल एनीमिया पीड़ित शादी करते हैं, तो उनसे पैदा होने वाले बच्चे को सिकल सेल बीमारी होने की बहुत ज्यादा संभावना है।
अगर पहले ही स्क्रीनिंग करके ऐसे 2 लोगों को शादी करने से रोका जाए तो इस बीमारी का प्रसार रोका जा सकता है। भारत सरकार अगले 3 साल में देश के चिन्हाकिंत जिलों में अभियान चलाएगी। जिसके तहत 40 साल से कम उम्र के आदिवासी और अन्य समूहों के लोगों की स्क्रीनिंग होगी। इसके बाद लोगों को स्थानीय भाषा में स्मार्ट कार्ड भी मिलेगा, ताकि होने वाले बच्चों में इस रोग को बढ़ने से रोका जा सके।
as

+ There are no comments
Add yours