यह व्यक्ति को सुख और शांति प्रदान करने वाले महादेव की पूजा बहुत शुभ माना जाती है। आज चार जुलाई से सावन शुरू हो गया है। पहली सोमवारी 10 जुलाई को होगी। माना जा रहा है कि कई दुर्लभ योग के कारण इस बार सावन में जलाभिषेक को शिव मंदिरों में अधिक श्रद्धालु उमड़ेगे। मंदिरों की साफ-सफाई के साथ रंग-रोगन शुरू हो गया है। इस वर्ष के सावन में 19 साल बाद अच्छा योग बन रहा है। मलमास के कारण इस बार सावन मास 59 दिनों का होगा। सावन में शश योग, गजकेसरी योग, बुध व शुक्र के संयोग से लक्ष्मी नारायण योग, सूर्य व बुध की युति से बुद्धित्य योग जैसे राजयोग का निर्माण हो रहा है।
तीसरे सोमवार कांवड यात्रा व चौथे को पार्थिव शिवलिंग का निर्माण
सावन का पहला सोमवार 10 जुलाई, दूसरा 17 जुलाई, तीसरा 24 जुलाई, चौथा 31 जुलाई, पांचवा 7 अगस्त, छठा 14 अगस्त, सातवां 21 अगस्त और आठवां सोमवार 28 अगस्त पड़ेगा। इस सबंध में जानकारी देते हुए देवराहा बाबा सेवा समिति के अध्यक्ष शैलेश शिवहरे ने बताया कि प्रत्येक सोमवार को अखंड मानस कीर्तन एवं भंडारे का भी आयोजन किया जायेगा। प्रेमाबाग के शिव मंदिर से तीसरे सोमवार को कावड़ यात्रा निकाली जाएगी । वहीं पर चौथे सोमवार को सुरेशानंद जी महाराज वृंदावन के द्वारा सवा लाख पार्थिव लिंगों का निर्माण भक्ति भाव से किया जाएगा।
सावन सोमवार व्रत कब-कब है
मलमास के कारण सोमवार व्रत भी दो चरणों में होगा। पहला चरण 4 से 17 जुलाई तक होगा। दूसरा चरण 17 से 31 अगस्त तक होगा। ऐसे में 10 जुलाई, 17 जुलाई, 21 अगस्त और 28 अगस्त को ही सावन का सोमवारी व्रत किया जाएगा। मसमास में 18 जुलाई से 16 अगस्त के बीच में सोमवार का व्रत नहीं किया जाएगा।
31 अगस्त को खत्म होगा सावन का महीना
सावन मास 31 अगस्त को समाप्त होगा। इस बार सावन मलमास या पुरुषोत्तम मास की वजह से दो महीने का होगा। कई दुर्लभ योग भी सावन में बन रहे हैं। श्री शिवहरे ने बताया कि भगवान शिव की प्रसन्नता के लिए धर्म ग्रंथों में अनेक व्रत उपवास बताए गए हैं, लेकिन अनेक भक्त अलग-अलग वजहों से व्रत के धार्मिक विद्वानों का पालन नहीं कर पाते। सावन का महीना शिव का सबसे प्रिय माह माना गया है। इस पूरे माह में भोलेबाबा अपने भक्तों पर विशेष कृपा करते हैं।
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