कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा जिला कोरिया का जिला स्तरीय आंदोलन बैकुंठपुर के प्रेमाबाग प्रांगण में हुई उसके पश्चात रैली का आयोजन हुआ जो प्रेमाबाग से प्रारंभ होकर घड़ी चौक होते हुए कलेक्ट्रेट तक भारी भीड़ के साथ पहुंची तत्पश्चात मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया इस हड़ताल में वन कर्मचारी संघ, पंचायत सचिव संघ, सहायक शिक्षक फेडरेशन, छत्तीसगढ़ टीचर एसोसियेशन , शालेय शिक्षक संघ, नवीन शिक्षक संघ, शिक्षक महासंघ, लिपिक वर्गीय संघ, राजस्व निरीक्षक संघ, भृत्य संघ, वाहन चालक संघ, फार्मासिस्ट एसोसियेशन, राजपत्रित अधिकारी संघ, व्याख्याता संघ, समेत 45 संघों के पदाधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे जिन्होंने पूरे जोशो खरोश के साथ आंदोलन प्रारंभ किया जिसके कारण सभी स्कूलों और विभागों में ताले लटके रहे जिससे सरकारी कामकाज पूर्णतः बंद होने के आम जनता जो दूर दराज से आई हुई थी उन्हें खाली वापस लौटना पड़ा ।
संयुक्त मोर्चा की पांच सूत्रीय मांगे जिसमे
केंद्र के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता दिया जाए,सातवें वेतनमान के अनुरूप गृह भाड़ा भत्ता दिया जाए, पिंगुवा कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाए,कर्मचारियों को चार स्तरीय वेतनमान स्वीकृत किया जाए , पूर्ण पेंशन प्राप्ति की आयु सीमा 33 वर्ष से घटाकर 20 वर्ष किया जाए है जिसको लेकर मोर्चा आंदोलनरत है
कार्यक्रम का प्रारंभ राष्ट्र गान से किया गया
उसके पश्चात उपस्थित सभी कर्मचारी व पदाधिकारियों का स्वागत सत्कार किया गया । प्रथम वक्ता के रूप में छग टीचर एसोसिएशन के प्रांतीय पदाधिकारी अशोक लाल कुर्रे ने कहा कि महंगाई भत्ता को लेकर अब शासन की हठधर्मिता नही चलेगी 5 परसेंट के झुनझुना से हम मानने वाले नही है राज्य सरकार ने महंगाई भत्ता का घोटाला किया है
संभागीय संयोजक राजेंद्र सिंह व महासचिव विश्वास भगत ने कहा कि प्रत्येक छः माह में महंगाई का आकलन कर शासन महंगाई भत्ता देती है अब तक की पूर्ववर्ती सरकारों ने जैसी मूलभूत मांग को बिना मांगे हड़ताल किए दिया है किंतु इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है की हमारे मौलिक अधिकार महंगाई भत्ता को पाने के लिए पूरे विभाग के कर्मचारी आंदोलन करने को विवश है ।
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