बेमौसम बरसात से खेत खलिहानो में भीगी धान की फसल, अन्नदाता परेशान……

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धान की गुणवत्ता खराब होने के कारण खरीदी केन्द्रो में हो सकी है परेशानी

बुद्धवार की सुबह से हो रही बारिश का दौर गुरुवार को पुरे दिन रिमझिम फुहारो के साथ जारी रहा। हालांकि, गुरुवार को रुक-रुककर बारिश होते रही। रिमझिम बारिश से जहां तापमान में गिरावट हुई। बुद्धवार के मुकाबले अधिकतम तापमान 3 डिग्री और कम होकर 19 डिग्री पर आ गया जिससे वातावरण में ठंडक घुलने से शीत लहर का एहसास भी पुरे दिन होता रहा। इधर, बेमौसम बारिश से किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। मिसाई के लिए काटकर रखी गई धान पानी में भीग गई। जिससे धान की गुणवत्ता भी प्रभावित होने की संभावना बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार किसानों ने धान की फसल की कटाई कर ली है। इसमें से 35 फिसद किसानों ने मशीनों से धान की मिसाई करा लिया है। लेकिन कुछ किसानों की धान अभी भी खेतों में पड़ी हुई है। बेमौसम बारिश होने से खेतों में रखी धान की फसल पूरी तरह से भीग गई है। धान में अब नमी आना प्रारंभ हो गई है। जिससे उसकी गुणवत्ता खराब होगी। फसल को नुकसान होने की संभावना अधिक बनी हुई है। जिसके कारण किसान चिंतित है।

चना और गेहूॅ की फसल प्रभावित

आसमान में लगातार बदली छाने और तापमान में गिरावट होने से चना के पौधों को उखटा लगने लगा है। जिसके कारण किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। किसानों के अनुसार अनेक किसानों ने पूर्व में ही चना, गेहूं की बोनी कर दिए थे। जो अंकुरित होकर अब बड़े होने लगे हैं। ऐसे में चना, गेहूं को साफ मौसम और दिन में अधिक तापमान की आवश्यकता है। लेकिन लगातार मौसम में बदलाव होने से इन फसलों को नुकसान हो रहा है।

मौसम साफ होने का इंतजार

बारिश के साथ अब किसानों को मौसम के खुलने का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। ताकि तापमान से बारिश में भीगी फसल सूख सकें। मौसम के खुलने से किसान धान मिसाई सहित अन्य कार्यों को अंजाम दे सकें।

इस बात से किसानों हैं चिंतित

बेमौसम बारिश से जिले में फसलों को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में धान की फसल पानी में डूब गई। फसल के खराब होने से किसान परेशान हो गए है। धान के अंकुरण होने की संभावना बढ़ गई है। क्षेत्र के किसानो की माने तो चना, गेहूं की बुआई के लिए जमीन तैयार कर लिए है। लेकिन मौसम में बदलाव के कारण बुआई का कार्य नहीं कर पा रहे हैं। इतना ही नहीं धान की मिसाई का कार्य भी नहीं हो पा रहा है। समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी शुरु हो चुकी है। क्षेत्र के किसानों की धान की मिसाई का कार्य अभी नहीं हो पाया है। मौसम में बदलाव के चलते धान की गुणवत्ता प्रभावित होगी। जिससे किसानों की आमदनी में काफी नुकसान है।

बारिश से जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त

बुधवार सुबह से लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश के चलते बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। तापमान में गिरावट आने से ठंड काफी ब़ढ़ गई है। बरसात से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। अधिकतम तापमान गिरकर 19 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम 16 डिग्री पर आ गया है। बृहस्पतिवार को दिनभर बारिश होती रही। इसके चलते लोग घरों में दुबके रहे। इस दिन स्थानिय बाजार होने के बावजूद सड़कों पर सन्नाटा रहा। बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बेहद कम होने से दुकानें सुनसान पड़ी रही और व्यापारी खाली बैठे नजर आए।

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