खडगवा में 30,967 मामलो में 09 लोगो के द्धारा 86 लाख 8 हजार 623 लिया इंसेंटिव
आयुष्मान भारत योजना एवं डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना में बदंरबांट
स्मार्टकार्ड में व्याप्त धांधली अब किसी से छिपी नहीं है। स्पष्ट और साफ प्रमाण सामने आने के बाद भी राज्य स्तर के जिम्मेदार महज अपने नाकारे अधिकारियो के जॉच के आधार पर सारे मामले में मुह खोलने को तैयार नही है। गौरतलब हो कि उस समय कोरिया जिले अंर्तगत आने वाले खडगवा में हुए स्मार्टकार्ड के नाम पर 86 लाख से अधिक के घोटाले की जिला स्तर की जॉच रिपोर्ट को नाकारते हुए खुद की जाच टिम से जाच करा कर राज्य नोडल एजेंन्सी ने मामले को निपटा दिया। वही पर इस मामले में राज्य के अधिकारी स्मार्ट कार्ड के उपसंचालक, राज्य नोडल एजेंसी डॉ. सोनवानी से जब फोन पर इस संबंध में जानकारी ली गई तो उनका कहना था कि मामले की जांच हो चुकी है और इस समय में बाहर हूं इसलिए अभी बात नहीं कर सकता । वहीं पर सरगुजा संभाग के संयुक्त संचालक डॉ. पी.एस. सिसोदिया ने कहा कि यह हमारा मामला नहीं है इस संबंध में आप राज्य नोडल एजेंसी के अधिकारियों से ही बात करें तो बेहतर होगा ।

वहीं पर संचालक स्वास्थ्य सेवाएं ऋतुराज रघुवंशी के व्हाट्सएप पर मैसेज एवं फोन कॉल का कोई जवाब विगत तीन दिनों में प्राप्त नहीं हो पाया । उससे पहले कोरिया जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर. एस. सेंगर ने पहले ही कह दिया कि हमने मामले को एमसीबी जिले के स्वास्थ्य विभाग के हवाले कर दिया था कार्यवाई हुई या नही, यह उनकी जिम्मेदारी थी। अजीब विडंबना है जहां कोरिया जिले में हुए इस बड़े घोटाले की जांच जिला स्तर पर कोरिया कलेक्टर के द्वारा कराई गई । उसमें स्पष्ट तौर पर जांच अधिकारी अधिकारियों ने मामले में 09 लोगों को दोषी ठहराया उनकी अनुशंसा पर कोरिया कलेक्टर ने सभी 09 लोगो उन पर कार्रवाई करने के लिए राज्य नोडल एजेंसी को जॉच रिपोर्ट भेज एव पत्र लिखकर कार्रवाई करने का आग्रह किया । किंतु कार्रवाई करने की तो बात दूर राज्य नोडल एजेंसी के द्वारा लीपा-पोती के नाम पर कोरिया जिले से अलग होकर एमसीबी जिले बनने के बाद उसके अंतर्गत आने वाले खडगावा में जांच के नाम पर एक टीम बनाकर भेज दी गई एवं उस टीम ने पूरे मामले को इस तरीके से निपटाया की 86 लाख के घोटाने को मात्र 05 लाख रुपए की पेनल्टी कर मामले को खत्म कर दिया। और न्याय एैसा कि अपराध करने वाले सभी 09 आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया। जैसे-जैसे यह बात बाहर आ रही है जिले में मामले की जानकार सारे मामले को पैसे लेकर रफा-दफा करने की बात कह रहे हैं। यदि इस तरीके से राज्य के जिम्मेदार जिले स्तर की जांच को दफनाती रहेंगे तो फिर जिले में बेईमानों का डर खत्म हो जाएगा एवं जिले के कलेक्टर को भी ऐसे अधिकारियों के द्वारा महत्वहीन बता दिया जाएगा । जिले की जॉच पर यदि राज्य नोडल एजेंसी कार्रवाई नहीं करती है यह बात अपने आप में बेहद चिंताजनक एवं प्रशासनिक व्यवस्था को धता बताते वाला कहा जा सकता है। यदि इस तरह की नजीर आगे भी प्रस्तुत की जाती रहेगी तो फिर जिले में जिला प्रशासन को समाप्त कर राज्य से ही प्रशासन चलाना बेहतर होगा।
यह है जिम्मेदारो का रवैया…..
मामले की जांच हो चुकी है और इस समय में बाहर हूं इसलिए अभी बात नहीं कर सकता ।
डॉ. खेमराज सोनवानी, उपसंचालक, राज्य नोडल एजेंसी,
आयुष्मान भारत प्रधामंत्री जन आरोग्य योजना
यह हमारे अदंर नही आता है । इस संबंध में आप राज्य नोडल एजेंसी के अधिकारियों से ही बात करें तो बेहतर होगा ।
डॉ. पी. एस. सिसोदिया, संयुक्त संचालक, सरगुजा संभाग
व्हाट्सएप पर मैसेज एवं फोन कॉल का कोई जवाब विगत तीन दिनों में प्राप्त नहीं हो पाया ।
ऋतुराज रघुवंशी, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, रायपुर, छ.ग.
हमने मामले को एमसीबी जिले के स्वास्थ्य विभाग के हवाले कर दिया था कार्यवाई हुई या नही, यह उनकी जिम्मेदारी थी।
डॉ. आर. एस. सेंगर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कोरिया
मामले की जॉच राज्य टिम के द्धारा की गई और सभी दोषियो पर 05 लाख की पेनल्टी किया गया। जिसकी भरपाई कराई जा चुकी है।
डॉ. सुरेश तिवारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एमसीबी

+ There are no comments
Add yours