कलेक्टर ने अस्पतालों में जांच, उपचार व दवाई की समुचित व्यवस्था करने को दिए निर्देश

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ग्रीष्मकाल में होने वाले बीमारियों से बचने के लिए डॉक्टर ने दी महत्वपूर्ण जानकारियां

गर्मी के मौसम में जिस तरह सूर्य की तेवर से लोग हलकान है। घरों व कार्यालयों में पंखा, कूलर, एसी तेजी के साथ चलने लगा है। वहीं इस ग्रीष्म काल में होने वाले बीमारियों के प्रति जिला अस्पताल, बैकुंठपुर के मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी ने इन बीमारियों के लक्षण व बचने के उपायों के बारे में जानकारी दी है।
बता दें ग्लोबल वार्मिंग बढ़ने की वजह से हर वर्ष गर्मी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, जो कि औसतन एक से दो डिग्री सेंटीग्रेट है।स्वास्थ्य विभाग ने गर्मी से बचाव के लिए सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में ओ.आर.एस. कॉर्नर बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे कि गर्मी के प्रकोप से होने वाले प्रभाव व रोगों को ठीक किया जा सके।
कोरिया कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में लू से संबंधित मौसमी बीमारियों से संबंधित दवाइयों का भण्डारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.एस. सेंगर ने गर्मी के मौसम में होने वाले बीमारियों के कारण, लक्षण व बचाव केवउपाय के बारे में विस्तार से जानकारी दी है।
हीट स्ट्रोक के लक्षण

  1. सिर में भारीपन और दर्द का अनुभव होना
  2. तेज बुखार के साथ मुंह का सूखना
  3. चक्कर और उल्टी आना
  4. कमजोरी के साथ शरीर में दर्द होना
  5. शरीर का तापमान अधिक होने के बावजूद पसीने का न आना
  6. अधिक प्यास लगना और पेशाब कम आना
  7. भूख कम लगना
  8. बेहोश होना

लू लगने का कारण
तेज धूप और गर्मी में ज्यादा देर तक रहने के कारण शरीर में पानी की खनिज तत्व मुख्यतः नमक की कमी होने कारण लू लगने की प्रबल सम्भवना बनी होती है।
बचने के उपाय, इन बातों का रखें ध्यान-

  1. बहुत अनिवार्य हो तो तभी घर से बाहर जाना चाहिए
  2. धूप में निकलने से पहले सिर व कानो को कपड़े से अच्छी तरह से बांध ले
  3. पानी अधिक मात्रा में पीये
  4. अधिक समय तक धूप में न रहे
  5. गर्मी के दौरान नरम, मुलायम सूती के कपड़े पहनने चाहिए ताकि हवा व कपड़े पसीने को सोखते रहे
  6. अधिक पसीना आने की स्थिति में ओ.आर.एस. घोल पीये
  7. चक्कर आने, मितली आने पर छायादार स्थान पर आराम करें तथा शीतल पेय जल अथवा उपलब्ध हो तो फल का रस, लस्सी, मठा आदि का सेवन करें
  8. प्रारंभिक सलाह के लिए 104 आरोग्य सेवा केन्द्र से निः शुल्क परामर्श लिए जा सकते हैं
  9. उल्टी, सिर दर्द, तेज बुखार की दशा में निकट के अस्पताल अथवा स्वास्थ्य केन्द्र में सलाह जरूर लें
    लू लगने पर करें प्रारंभिक उपचार
  • बुखार पीडित व्यक्ति के सिर पर ठंडे पानी की पट्टी लगाएं
  • अधिक पानी व पेय पदार्थ पिलायें जैसे कच्चे आम का पना, जलजीरा आदि
  • पीडित व्यक्ति को पंखे के नीचे हवा में लेटा देवें
  • शरीर पर ठंडे पानी का छिडकाव करते रहें
  • पीड़ित व्यक्ति को शीघ्र ही किसी नजदीकी चिकित्सक या अस्पताल में इलाज के लिए ले जाएं
  • अपने नजदीकी मितानिन या ए.एन.एम. से ओ.आर.एस. की पैकेट प्राप्त करें
    कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आम लोगों से कहा है कि घर से बाहर जाते समय पानी अवश्य रखें और पानी पीते रहें। किसी भी प्रकार की लू लगने या गर्मी की वजह से बीमार होने पर तत्काल अस्पताल या स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर जांच, उपचार कराए।

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