चुनाव हो या क्रिकेट के मैच सटटा खेलने वाले दांव लगा हमेशा से गते आ रहे है। इन दिनो बैकुंठपुर में लोकसभा चुनाव 2024 में 04 जून को आने वाले चुनाव परिणाम को लेकर सटटाबाजो के द्धारा लाखो के दॉव लगाये जा रहे हैं। कोरबा लोकसभा से भाजपा और कांग्रेस के जीत को लेकर जमकर बोली लगाई जा रही है। सटटा के जानकारो की माने तो कोरबा लोकसभा से भाजपा के जीत के आसार अधिक बताये जा रहे हैं। यही कारण है कि लाखो रुपए के दांव लगाकर सट्टा बाजार पर मोहर भी लगाते हैं।
करीब तीन दशक पहले कुछ लोगों के द्धारा बैकुंठपुर में चुनावों, क्रिकेट व फुटबॉल मैच और विधानसभा, लोकसभा, पंचायत समिति व नगर परिषद के चुनावों पर भी सट्टा करने की परम्परा का जन्म हुआ।

बदलते रहते हैं भाव

सट्टा बाजार में सीटों को लेकर होने वाले सौदों का अपना गणित है। राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की जीत के भाव अलग-अलग कारणों के चलते बदलते रहते हैं। अभी के भाव छैः चरण पूरे होने के बाद चुनावी आकलन में सीटों की संख्या घट-बढ़ सकती है।

मतगणना के दिन जुटेगी भीड़

लोकसभा चुनाव में अधिक दिलचस्पी नहीं होने से कोई बड़े दांव नहीं लग रहे है, फिर भी मतगणना से एक दिन पूर्व व मतगणना के समय यहां के लोगों का जमघट लगने और अपनी पसंद के नेता पर दांव लगने के अनुमान लगाए जा रहे हैं।


कांग्रेस को 65 व भाजपा को 300 सीट

सट्टा बाजार भाजपा को 300 सीटें दे रहा है, जबकि कांग्रेस को 60 से 65 सीटों का आकलन है। शेष सीटें अन्य दलों में बंट रही है। यदि फलोदी सट्टा बाजार का यह आकलन सही होता है तो एक बार फिर यहां के आकलन पर सटीकता की मोहर लग सकती है।

भाजपा को दिला रहे 300 सीटें

लोकसभा चुनाव से पहले जहां भाजपा ने राम मंदिर निर्माण की बदौलत 400 पार का दावा किया था, वहीं देश भर का सट्टा बाजार भाजपा की 320 सीटें जीतने पर दांव लग रहा था। चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद भाजपा की कम होते-होते अब 300 तक बताई जा रही है। चुनाव में हार-जीत के आकलन के प्रत्याशी का चेहरा, समर्थकों की चुनावी सभा में भीड़ व जातीय सहयोग के साथ पार्टी के ओहदे को ध्यान में रखते हुए भाव तय किए जाते हैं। सट्टा बाजार की बात करें तो बैकुंठपुर के दो मोहल्ले इसका गढ़ माने जाते है जहां जमकर सट्टेबाजी की जाती है।

नोटः दी गई जानकारी पूर्व की रिपोर्ट्स और सट्टा बाजारों के जानकारों के माध्यम से दी गई है। हमारा उद्देश्य सट्टा को किसी भी प्रकार से प्रोत्साहन करना नहीं है।

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