चिंतन और मंथन के बाद गिर सकती है कईयो कददावरो पर गाज

कोरबा लोकसभा में भाजपा प्रत्याशी सरोज पांडे को मिली हार ने संगठन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मिली हार के बाद जहां एक और भाजपा में अंर्तकलह अपने चरम पर नजर आ रहा है वही भाजपा के कोरिया जिले के संगठन में बड़े फेरबदल की बात लगातार राजनीतिक के जानकार कर रहे हैं ।
गौरतलब हो कि संयुक्त कोरिया जिले के तीनों विधानसभा में हमेशा से ही लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा को बढ़त मिलती रही है। यह पहली बार देखा गया कि इन क्षेत्रों से भी भाजपा को नुकसान झेलना पडा।
चुनाव प्रचार के दौरान कोरिया जिले के पटना में मुख्यमंत्री की आमसभा के दौरान भाजपा प्रत्याशी सरोज पांडे की नाराजगी अब परिणाम आने के बाद अपने चरम पर नजर आ रहा है । हालांकि इस संबंध में भाजपा का कोई भी स्थानीय नेता मुह खोलने को तैयार नहीं है फिर भी लगातार इन खबरों की कानाफुसी सुनी ही जा सकती है । अब आने वाले महीना में देखना होगा कि कोरिया जिले के भाजपा संगठन में फेरबदल एवं हार के कारणो के मंथन में कौन सी नई बात सामने आती है ।
हालांकि कोरबा लोकसभा क्षेत्र परिसीमन के बाद 2009 में बनने से अब तक तीन बार सामान्य वर्ग के प्रत्याशी को भाजपा मैदान में उतार चुकी है तीनों बार ही उसे हार का सामना करना पड़ा । जबकि 2014 में ओबीसी वर्ग के बंसीलाल महतो ने कोरबा लोकसभा से जीत हासिल की थी । वहीं पर सरोज पांडे पर बाहरी प्रत्याशी का लेबल भी लगने से अपेक्षित समर्थन प्राप्त नहीं हो सका।

फैक्ट फाईल……..

दो चुनावो में भाजपा को मिले वोट का अंतर……

विधानसभा – लोकसभा चुनाव – विधानसभा चुनाव- अतंर

भरतपुर-सोनहत – 57689 – 55809 – $1880
मनेन्द्रगढ – 42193 – 48503 – -6310
बैकुंठपुर – 61423 – 66866 – -5443
कुल – 161305 – 171178 – -9873

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