चेंजिंग द नेरेटिव आन सुसाईड वीथ द कॉल टू एक्षन स्टार्ट कन्वरसेशन थीम पर हुआ चिंतन मंथन

बैकुुंठपुर।

न्यू लाईफ हेल्थ एण्ड एजुकेशन सोसायटी द्वारा संचालित न्यू लाईफ इंस्टीट्यूट आफ नर्सिंग में छात्रों द्वारा विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर जिला अस्पताल बैकुंठपुर में स्वास्थ्य शिक्षा एवं कॉलेज परिसर में नाट्कीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस का थीम ‘‘चेंजिंग द नेरेटिव आन सुसाईड‘‘ वीथ द कॉल टू एक्षन ‘‘स्टार्ट कन्वरसेशन ‘‘ अर्थात आत्महत्या और इसकी वजहों के बारे में खुलकर बात करना है। ताकि इसके मामलों को कम करने में मदद् मिल सके। वर्ल्ड हेल्थ आगेनाइजेशन ने इस थीम को साल 2024 से 2026 तक के लिए चुना है। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाने की शुरूआत वर्ष 2003 में इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर सुसाइड प्रिवेंशन आई.ए.एस.पी. ने की थी। विश्व आत्महत्या दिवस का उद्देश्य आत्महत्या के बारे में बातचीत शुरू करना और यह दिखाना है कि इसकी रोकथाम संभव है।


न्यू लाईफ इंस्टीट्यूट आफ नर्सिंग के छात्र-छात्राओं द्वारा स्वास्थ्य शिक्षा के माध्यम से आत्महत्या रोकथाम की जानकारी तथा लक्षण, जागरूकता एवं इसकी रोकथाम जिला अस्पताल बैकुंठपुर में सिविल सर्जन डॉ. आयुष जायसवाल की उपस्थिति में लोगों को अवगत कराया गया। साथ ही कॉलेज परिसर में नाट्कीय कार्यक्रम के द्वारा छात्र- छात्राओं को जानकारी प्रदान की गई।
प्राचार्य डॉ. अंजना सैम्यूल के द्वारा आत्महत्या के लक्षण एवं रोकथा के बारे में बताया गया एवं असिस्टेट प्रोफेसर मिस प्रियंका पाठक के द्वारा इसके कारण तथा बचाव के बार में विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी। इसे पुरे कार्यक्रम का आयोजन असिस्टेट प्रोफेसर मिस प्रियंका पाठक के द्वारा प्राचार्य डॉ. अंजना सैम्यूल के मार्गदर्शन में किया गया।

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours