बैकुंठपुर।
छत्तीसगढ़ में तेजी से फैल रहा स्वाइन फ्लू, रोज मिल रहे औसतन 10 से 12 केस मिलने के कारण अब लोगो में चिंता होना लाजमी है। प्रदेश में स्वाइन फ्लू की स्थिति गंभीर होती जा रही है। गत दिनो बिलासपुर में इससे आठ लोगों की मौत हुई है। चिंता और चिंतन बढाने के लिए काफी है। इसको देखते हुए बैकुंठपुर विधायक भइयालाल राजवाडे ने जिले के स्वास्थ्य विभाग से अस्पतालों में जांच और इलाज की पूरी व्यवस्था रखने के निर्देश तो दिये हैं उन्होने लोगों से अपील की है। लोगों से भीड़भाड़ वाले स्थानों पर नहीं जाने, मास्क लगाने और बीमारी के लक्षण होने पर तत्काल अस्पताल पहुंचने के लिए कहा है।
हम तैयार है – डॉ आयुश जायसवाल
जिला अस्पताल बैकुंठपुर के सीएस डॉ. आयुश जायसवाल ने कहा कि जिले में वर्तमान में इसका कोई मरिज नही है। दूसरी ओर जिला अस्पताल ने इसके लिए अपनी तैयारी कर ली है सारे जरुरी इंतजाम कर लिए हैं दवाओ की भी कोई कमी नही है। उन्होने लोगो से अपील करते हुए कहा कि स्वाइन फ्लू के लक्षण आते ही तत्काल जांच कराएं। इलाज में देरी जानलेवा हो सकती है।
हवा से फैलती है बीमारी
स्वाइन फ्लू एक संक्रमण है, जो एक प्रकार के फ्लू (इन्फ्लूएंजा) वायरस के कारण होता है। इन्फ्लूएंजा से पीड़ित व्यक्ति के खांसने या छींकने से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है, इसलिए मरीजों को भर्ती करने के लिए आइसोलेशन वार्ड की जरूरत पड़ती है। स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू को लेकर पूरे प्रदेश में आइसोलेशन वार्ड तैयार किए हैं। जिला अस्पतालों और मेडिकल कालेज में आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है।
ये हैं स्वाइन फ्लू के लक्षण
लोगों में स्वाइन फ्लू के लक्षण सामान्य मानव फ्लू के लक्षणों के समान ही होते हैं। इसमें बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, सिरदर्द, ठंड लगना और थकान शामिल हैं। कुछ लोगों ने दस्त और उल्टी की भी शिकायत होती है।
यह बरतें सावधानियां
- खांसते या छींकते समय नाक और मुंह को टिशू से ढकें। इस्तेमाल करने के बाद कूड़ेदान में फेंक दें।
- हाथों को अक्सर साबुन और पानी से धोएं, विशेष रूप से खांसने या छींकने के बाद।
- आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें। रोगाणु इसी तरह फैलते हैं।
- बीमार लोगों के संपर्क में जाने से बचें। घर से बाहर निकलने पर मास्क जरूर लगाएं।
- 72 घंटों में स्वस्थ नहीं होने पर स्वाइन-फ्लू की जांच अवश्य कराएं।

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