जनवरी से अब तक मात्र 50 कार्यवाई, विभाग की खानापूर्ति

जिला अस्पताल परिसर के बाहर ठेेलो और होटल में सिगरेट के कश लेते लोग

बैकुंठपुर।

बैकुंठपुर जिला अस्पताल परिसर में गुटखा-सिगरेट सहित नशीले पदार्थों पर रोक के बावजूद जिला अस्पताल के सामने सडक पर अवैध कब्जा कर चलाये जा रहे ठेलो और होटल वालो के द्धारा लोगो को सिगरेट और गुटका खुलेआम परोसे जा रहे हैं और लोग भी थाना के सामने बेधडक सडक पर ही सिगरेट के छल्ले उठाते नजर आ रहे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के तमाम अधिकारी इसी मार्ग से प्रतिदिन कई बार गुजरते हैं। फिर भी किसकी जिम्मेदारी है कार्यवाई सवाल तो उठता ही है।

कोरिया कलेक्टर चन्दन त्रिपाठी ने बार बार जिले के सभी लोगों से अपील की है कि शहर को स्वच्छ बनाने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर गुटखा-सिगरेट और अन्य नशीलों पदार्थों का सेवन न करें, नहीं तो कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर जिले को तंबाकू मुक्त जिला बनाने का प्रयास कर रही है। वही जिम्मेदार इस प्रकार कोताही कर रहे हैं यह बात समझ से परे है।

कलेक्टर ने निर्देशित किया गया है कि अस्पताल, स्कूलों और आंगनबाड़ी के 100 मीटर के आसपास कोई भी गुटखा की दुकान न रहे। कलेक्टर बार बार अपील कर चुकी हैं कि तंबाकू के सेवन से कैंसर, लिवर सोराइसिस जैसी गंभीर बीमारियां उत्पन्न होने का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद भी शौकीन लोग तंबाकू खाने से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक नहीं हो रहे और न ही प्रतिबंध अमल में लाने के प्रति जिम्मेदार। नतीजतन, सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू धड़ल्ले से बेची व खरीदी जा रही है।

ये है कोटपा का नियम

धारा 5 के तहत नियमों का उल्लंघन करने पर 1 से पांच साल तक की कैद का प्रावधान है। वहीं एक से पांच हजार रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है। धारा 6 के तहत 18 वर्ष से कम आयु वर्ग को तंबाकू पदार्थ बेचना अपराध है। संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू पदार्थ बेचना अपराध है। धारा 7 के तहत बिना चित्र व वैधानिक चेतावनी के तंबाकू उत्पाद बेचना अपराध है।

कोटपा कानून के प्रति जिम्मेदार नही सजग

शहर में कोटपा के तहत कानून तो बना दिया गया है, पर कार्रवाई को लेकर अभी हां कोई 200 शिकायतें हैं, स्कूलों के किनारे सिगरेट और गुटखा दुकानें संचालित हैं। कई जगह तो अवैध सिगरेटबार भी चल रहे। फिर भी अफसरों का इसकी ओर ध्यान नहीं है। यही वजह है कि किशोर उम्र के बच्चों में नशे की लत लग रही। कई और परेशानी भी सामने आ चुकी है।

क्या बोले जिम्मेदार…..

होगी कार्यवाई

कोरिया कलेक्टर चन्दन त्रिपाठी ने कहा कि इस तरह से सार्वजनिक स्थानो बर्दास्त नही की जायेगी। मैं अधिकारियो को मौके पर भेज कर कार्यवाई को कहती हॅू।

9 महिने में 50 चालान काटे

जिला अस्पताल के सामने खुलेआम सिगरेटबार चलाये जाने को लेकर डी.आई. विकास लकडा ने का कहना है कि मेरे साथ अन्य भी जिम्मेदार है जिनको कार्यवाई करनी चाहिए। कोटपा एक्ट के तहत कोरिया जिले में जनवरी से सितम्बर तक कुल 50 प्रकरणो में 5600रु की चालान काटे गये हैं।

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