सहायक वन संरक्षक सहित 50 से अधिक जिम्मेदार घटना स्थल पर……पहले भी दो बाघो की हो चुकी हत्या में किसी को नही मिली सजा……..मला वन्य जीव तस्करी से जुडे होने की जताई जा रही आशंका
बाघ की मौत…….सच्चाई सामने आयेगी या फिर पहले की तरह रफा-दफा हो जायेगा मामला…….पोस्टमार्टम पर टिकी निगाहे
हाइलाइटस……..
01- सहायक वन संरक्षक सहित 50 से अधिक जिम्मेदार घटना स्थल पर
02- पहले भी दो बाघो की हो चुकी हत्या में किसी को नही मिली सजा
03- मामला वन्य जीव तस्करी से जुडे होने की जताई जा रही आशंका
बैकुंठपुर।
कोरिया जिला बैकुंठपुर से 80 किमी दूर वन मंडल कोरिया स्थित ग्राम कटवार में नाले के पास मिले बाघ के शव ने विभाग के जिम्मेदारो को पोल खोल कर रख दिया है। गुरू घासीदास राष्ट्रीय उद्यान अधिकारियो को फिल्ड में जाने के बजाय घरो में आराम फरमाने का ही नतिजा है कि लगातार वन्य जीवो का के तस्कर क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान मामले में भी जानकारो का कहना है कि यह मामला प्रकाश में आ गया इसलिए हो हल्ला मचा हुआ है। अन्यथा जंगलो के भीतरी इलाको में न जाने क्या क्या खेल चल रहे हैं। जिसका सामान्य लोग अनुमान भी नही लगा सकते हैं।
शुक्रवार को माला उजागर होने के बाद से शनिवार खबर लिखे जाने तक विभाग के अधिकारियो ने अपने मोबाइल बंद कर रखे हैं। जबकि बताया जा रहा है कि बाघ के शव का पोस्टमार्टम के बाद ही उसके मौत की सही वजह सामने आयेगी। वही पर विभाग द्धारा जिस प्रकार से शनिवार को पूरे सबंधित क्षेत्र में आम लोगो की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। उससे मामले में पर्दा डालने का प्रयास किया जा रहा है। यह सही भी लगता है कि पूर्व में भी दो बाधो की हत्या पर आज तक किसी पर कोई कार्यवाई नही की गई। इसलिए वर्तमान मामले में कुछ नया होने की उम्मीद नही है।
रायपुर, अम्बिकापुर व बैकुंठपुर की टिम मौके पर
मिल रही खबरो के अनुसार रायपुर से संरक्षण शाखा अरण्य भवन रायपुर प्रमुख सहायक वन संरक्षक संदीप सिंह और उनकी की टीम पहुंची गुरुघासीदास राष्ट्रीय उद्यान शुक्रवार की देर रात पहुॅच गई थी जिनके साथ अम्बिकापुर के तीन डाक्टरो की टिम जो पोस्ट मार्टम करेंगे भी साथ है। जबकि रायपुर से वन विभाग की खोजी कुत्तो का दल भी साथ आया है। जो के परतो को उघेडेगा।
जाच कम मामले में पर्दा डालने की कोशिश अधिक
कोरिया वन मंडल और गुरू घासीदास राष्ट्रीय उद्यान के अधिकारी व सरगुजा वन वृत के सीसीएफ सभी मौके पर बताये जा रहे हैं। रायपुर, अम्बिकापुर और बैकुंठपुर की रेगुलर और पार्क दोनो का पूरे अधिकारी सभी घटना स्थ्ल कटवार में है। वहीं विभाग बाघ के दांत, नाखून और मूंछें सही सलामत होने की बात कह रहा है और बाघ को पूर्ण व्यस्क नर बाघ बता रहा है। जिस प्रकार से विभाग पूरे मामले में गोपनियता बरत रहा है। उससे जाच कम मामले में पर्दा डालने की कोशिश अधिक नजर आ रही है।
पहले भी दो बाघ की हो चुकी है हत्या
वर्ष 2022 में इसी क्षेत्र में गुरू घासीदास राष्ट्रीय उद्यान के सोनहत रेंज में एक बाघिन की मौत हुई थी, स्थान था ग्राम सलगवांकला, जिसके बाद 4 लोगों को भैस के मांस में जहर देकर बाघ को मारे जाने की बात सामने आई थी और चारों पर विभाग ने कार्यवाही की थी, इसके पूर्व 2018 में इसी क्षेत्र के ग्राम सुकतरा में एक बाघ की मौत सामने आई थी, अब इसी क्षेत्र में बाघ के मारे जाने की तीसरी बड़ी घटना सामने आई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी निगाहे
बाघ के मौत की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बाघ के शव का निरीक्षण शुरू किया। जबकि स्थानिय लोगो की माने तो बाघ की लाश दो दिन पुरानी है। फिलहाल बाघ की मौत के कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है, और इसकी जांच जारी है। वन विभाग की टीम बाघ के शव को घटना स्थल से हटाकर अपने साथ लेकर गई है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद इस बात का खुलासा होगा की बाध की मौत कैसे हुई है। फिर भी मामला तस्करी का ज्यदा प्रतित हो रहा है अब देखना है विभाग पूरे मामले को क्या रंग देता है सच्चाई सामने आयेगा या फिर पहले की तरह रफा दफा हो जायेगा मामला।



+ There are no comments
Add yours