हर महिने दर्जन भर सडक हादसे, बावजूद 4 दशक से शासन की ऑखो पर पटटी…..बोले भइयालाल जल्द ही दोनो पुलो का निमार्ण
धनुहर पुलिया ने एक बार फिर वाहन को अपना शिकार
बैकुंठपुर।
कोरिया मुख्यालय बैकुंठपुर खडग़वां मार्ग पर स्थित ग्राम मनसुख के पास धनुहर नाला की उटपटांग और संकरी पुलिया ने एक बार फिर वाहन को अपना शिकार बनाया है। बताया जा रहा है कि सोमवार की सुबह सीमेंट लिकविड भरा एक टैंकर पुलिया पर उपर सडक पर चढ नही पाया और बैक होकर पुलिया के नीचे जाकर पलट गया। जिस कारण वाहन चालक को भी चोटे आई। आये दिन हादसा होने के कारण यह पुलिया अब बदनाम हो चुका है। किन्तु कई सरकार बदल गई परन्तु नही बदली तो इस पुलिया की तस्वीर।
गौरतलब हो कि धनुहर नाले में चार दशक छोटी व बेहद संकरी पुलिया है। और पुलिया को जोडने वाला सडक का दोनो सीरा पुलिया से 45 डिग्री का ढलान वो भी घुमवदार होने के कारण यहा आए दिन वाहनो का पलटना आम बात हो गई है। छत्तीसगढ बनने के बाद से ही यहा पर उची पुल निर्माण कराने की मांग लगातार हो रही है। किन्तु धनुहार नाले की पुलिया पुल न बन सकी । माना जाता है कि इस पुलिया पर प्रति माह 8 से 10 दुर्घटना होने होती है।
कांग्रेस सरकार में मिली स्वीकृति, धरातल से गायब
धनुहर नाले व गेज नदी पर पुल निर्माण के लिए पिछली कांग्रेस की सरकार ने वर्ष 2021 में करीब 15 करोड़ की स्वीकृति दी गइ थी। किन्तु यह घोषणा के बाद बजट फिर पुल निमार्ण नही हो पाना स्थानिय लोगो के लिए बडी समस्या का विषय बन चुका है। वही पर इसी सडक पर चेर और सलका के मध्य गेज नदी पर स्थित जर्जर पुल के लिए भी बजट के प्रावधान किया गया था। परन्तु आज तक सडक पर पुल नही बना पाया।
वर्जन……
कांग्रेस सरकार में बजट में प्रावधान होने के बाद भी पुल क्यो नही बन पाया इस बात का जवाब कांग्रेस ही देगी। किन्तु हमारी सरकार में जल्द ही दोनो पुलो का निमार्ण कराया जायेगा। भाजपा जो कहती हे वो करती है।
भइयालाल राजवाडे – विधायक, बैकुंठपुर

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